इंटेलीजेंस की रिपोर्ट को नजरअंदाज करने के कारण प्रदेश में हुई घटनाओं को शासन ने गंभीरता से लिया है। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने निर्देश जारी किया है कि जिलों में तैनात अफसर इंटेलीजेंस की रिपोर्ट को नजर अंदाज न करें और न ही उसे हल्के में लें।
इंटेलीजेंस रिपोर्ट के बाद भी अगर कोई घटना होती है तो इसके लिए जिले के अफसर जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो खुफिया तंत्र की रिपोर्ट और जिला स्तर पर हुई कार्रवाई की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी गृह विभाग को दी गई है, ताकि जिला या मंडल स्तर पर कोई चूक हो तो शासन स्तर से कार्रवाई की जा सके और लापरवाह अफसरों को चिह्नित कर दंडित किया जा सके।
दरअसल, पिछली कुछ घटनाओं में इंटेलीजेंस और जिला पुलिस में सामंजस्य की कमी सामने आई है। सहारनपुर में हुई हिंसा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। सहारनपुर में दुधली सड़क की घटना हो या फिर शब्बीरपुर की, दोनों ही घटनाओं को लेकर इंटेलीजेंस ने स्थानीय पुलिस को आगाह किया था।