सरकार की आपदा राहत योजनाओं व कार्यों को जनता के बीच पहुंचाने व उनकी भागीदारी के लिए आपदा प्रहरी एप तैयार किया गया है। सिटीजन लॉगिन में आम लोग व किसान किसी भी आपदा के घटित होने की सूचना व फोटोग्राफ इस एप पर डाल कर सरकार तक पहुंचा सकेंगे। अभी यह सूचना राजस्वकर्मी देता था और जो दर्ज कर देता था, उसी आधार पर मुआवजा तय होता था। अब आम लोगों की ओर से एप में दर्ज की गई सूचना के सापेक्ष राहत वितरण की कार्रवाई का राहत आयुक्त कार्यालय मॉनीटरिंग करेगा। पीएफएमएस के माध्यम से डीबीटी द्वारा सीधे किसानों तथा आपदा पीड़ित व्यक्तियों के खाते में राहत राशि भेज दी जाएगी।
बाढ़ की मुश्किलों से निकलने की बढ़ाएगा समझ
मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन बाढ़ कार्ययोजना मॉड्यूल का भी शुभारंभ किया। इसमें बाढ़ से होने वाले नुकसान का डाटा जुटाया जाएगा। इस पर राहत के लिए स्थापित बाढ़ चौकियों, बाढ़ शरणालय, आपदा नियंत्रण कक्ष, चिकित्सा केंद्र व बाढ़ नियंत्रण कक्ष आदि का विवरण जुटाया जा रहा है। इससे किसी भी जिले की बाढ़ से जुड़े इतिहास, भूगोल व नुकसान की जानकारी घर बैठे आसानी से मिल सकेगी। नागरिक डैशबोर्ड के जरिए आम लोग अपने आसपास उपलब्ध आपदा राहत संबंधी संसाधनों की भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।