सदन में संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने 2024 तक भारत को 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया है। इसे पूरा करने की जिम्मेदारी पूरे देश की है। यूपी भी एक हजार अरब डॉलर का योगदान करेगा। हर जिले की अपनी जीडीपी होगी। पिछली सरकारों में लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकते थे। उन्हें व्यवस्था का हिस्सा बनने का मौका नहीं मिला। हमारी सरकार ने उन्हें सारी सुविधाएं दीं।
पिछली सरकारों को कोसा, अपनी योजनाएं गिनाईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग योजनाओं से सरकार ने लोगों के जीवन स्तर को उठाने का काम किया है। पिछली सरकारों में गोदामों से अनाज निकलता था, लेकिन लाभार्थी तक नहीं पहुंचता था। हमारी सरकार में 3.55 करोड़ परिवारों के 15 करोड़ सदस्यों को 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल मिलना शुरू हुआ। आज तकनीक से अनाज की चोरी बंद हो गई।
पहले 60 लाख लोगों के हिस्से का गेहूं और चावल कहां जाता था, पता ही नहीं चलता था। अब उसी की बचत कर 700 करोड़ रुपये सालाना सरकार बचा रही है। 2016 में गेहूं का दाम 900 से 1000 प्रति क्विंटल हुआ करता था। 2019 में 1860 रुपये प्रति क्विंटल का दाम किसान के खाते में भेजा जा रहा है। यूपी पहला राज्य है जिसने सुपोषण मेले के जरिए कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष अभियान चलाया है। उन्होंने सरकार की तमाम अन्य उपलब्धियां गिनाईं।
मंडेला के प्रेरणा स्रोत थे महात्मा गांधी
महात्मा गांधी को याद करते हुए योगी ने कहा कि देश की आजादी के बाद नेताओं के प्रेरणा स्रोत महात्मा गांधी थे। रंगभेद से मुक्ति पाने के लिए नेल्सन मंडेला ने अपनी लड़ाई का केंद्र बिंदु गांधी को माना था। जिन अंग्रेजों के बारे में कहा जाता था कि इनके राज में सूरज अस्त नहीं होता है, वहां गांधीजी ने मोर्चा लिया।