मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को इस्लाम में बदलने की मंशा से आए आतताइयों का नाम-ओ-निशान मिट गया। सिख गुरु परंपरा ने भारत में विदेशी आतताइयों की सनातन धर्म विरोधी मंशा को सफल नहीं होने दिया।
सिख परंपरा गुरुनानक देव से गुरु गोबिंद सिंह तक भक्ति से शक्ति का अद्भुत संगम है। यह देश, धर्म, और संस्कृति के लिए सर्वस्व अर्पित करने के लिए नए भारत की महान प्रेरणा भी है। वे सोमवार को सीएम आवास पर आयोजित पवित्र साहिबजादा दिवस कार्यक्रम में बोल रहे थे।
गुरु गोबिंद सिंह के चार पुत्रों एवं माता गुजरी देवी की शहादत को समर्पित साहिबजादा दिवस कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि सिख पंथ अपने पुरुषार्थ के लिए जाना जाता है। यह सर्वविदित है कि कश्मीर से हिंदुओं व पंडितों को भगाने वाले कौन थे। लेकिन गुलाम देश में कश्मीरी पंडितों की रक्षा करने वाले गुरु तेग बहादुर महाराज थे।
देश का इतिहास साक्षी है कि एक तरफ औरंगजेब ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का मंदिर तोड़ा था। वहीं, दूसरी तरफ महाराजा रणजीत सिंह विश्वनाथ मंदिर को स्वर्ण मंडित करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने इतिहास को भुलाकर कोई भी अपने उज्ज्वल भविष्य को आगे नहीं बढ़ा सकता। इसलिए यह तय करना होगा कि हमें औरंगजेब का सम्मान करना है या महाराजा रणजीत सिंह का। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख सहित सिख समाज के कई लोग शामिल हुए।