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चीनी मिलों व ईंट भट्ठों की तर्ज पर अन्य उद्योगों को चलाया जाए: सीएम योगी

Sun, 03 May 2020 10:16 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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अफसरों के साथ बैठक करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन के संबंध में भारत सरकार की एडवायजरी का अध्ययन करके उसके अनुरूप आर्थिक गतिविधियां संचालित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि में चीनी मिलों व ईंट भट्ठों की तर्ज पर अन्य उद्योगों को चलाया जाए। इस दौरान संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय अपनाए जाए। 
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उन्होंने कहा कि जिन श्रमिकों की घर वापसी हो रही है उन्हें स्थानीय स्तर पर उनकी दक्षता के अनुसार काम दिया जाए। मुख्यमंत्री शनिवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। 

उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के संचालन में संक्रमण का एक भी प्रकरण सामने नहीं आया। इसी प्रकार ईंट-भट्ठा उद्योग भी अच्छी प्रकार चल रहा है। इसी तर्ज पर सभी उद्योगों को चलाया जाए। 
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उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद प्रदेश में निवेश को एक नया आयाम देने के लिए वृह्द कार्य योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के आपदा काल में भी प्रदेश सरकार ने समय से 16 लाख राज्य कर्मियों को वेतन तथा 12 लाख रिटायर्ड कर्मियों को पेंशन दे दी है। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव आरके तिवारी व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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श्रमिकों को दक्षता के अनुसार रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों के नाम, पते, मोबाइल नंबर व कार्य दक्षता विवरण अवश्य दर्ज किए जाएं। इससे उन्हें रोजगार के अवसर सुलभ कराने में सुविधा होगी। प्रवासी श्रमिकों की संख्या 15 से 20 लाख तक होगी। इसी के अनुरूप तत्काल कार्ययोजना तैयार की जाए। 

सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से करें स्वास्थय परीक्षण
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि वापस आए सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। सभी जनपदों में इंफ्रारेड थर्मामीटर उपलब्ध कराए जाएं ताकि प्रवासी श्रमिकों की सुगमता से जांच की जा सके। 

प्रवासी श्रमिकों व कामगारों की स्क्रीनिंग करते हुए स्वस्थ लोगों को 14 दिन के होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए। जो अस्वस्थ मिलें, उनके उपचार की व्यवस्था की जाए। 
उन्होंने प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों के क्वारंटीन प्रोटोकॉल को सुनिश्चित कराने के लिए प्रत्येक जिले में एक प्रभारी अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। 
 
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