कोरोना के संक्रमण से और प्रभावी तरीके से निपटने के लिए गुरुवार को 15 जिलों में 3-3 नोडल अफसर तैनात किए गए हैं। ये अफसर एक-एक हफ्ते तक जिलों में कैंप करके स्वास्थ्य सेवाओं समेत सभी कार्यों का पर्यवेक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को लोकभवन में लॉकडाउन की समीक्षा के दौरान उच्च स्तरीय बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने वरिष्ठ आईएएस अफसर, आईजी स्तर के पुलिस अधिकारी व वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी तैनात करने को कहा था। देर शाम शासन ने आईएएस अफसरों व चिकित्साधिकारियों की सूची भी जारी कर दी। जिन जिलों में आईजी स्तर के अधिकारी तैनात हैं, वहां पुलिस अधिकारी नहीं भेजे जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी ने समीक्षा बैठक में 20 से ज्यादा केस वाले जिलों में लॉकडाउन और प्रभावी तरीके से लागू कराने का निर्देश दिया। वहां भेजे जाने वाले अधिकारी इसे सुनिश्चित कराएंगे और अपनी रिपोर्ट शासन को भी भेजेंगे। सभी जिलों में डीएम व एसपी सहित फील्ड में तैनात प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मंडी तथा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग करें। यह सुनिश्चित करें कि आवश्यक सामग्री की सप्लाई चेन से जुड़े वाहन छूट का दुरुपयोग न करने पाएं। उन्होंने यह चेतावनी दी कि जो भी ट्रक सवारी ढोते पाया जाएगा, उसे तत्काल जब्त कर लिया जाएगा।
लखनऊ में दीपक, रायबरेली में मुकेश मेश्राम संभालेंगे कमान
अपर मुख्य सचिव नियुक्ति मुकुल सिंघल ने नोडल अफसर के लिए देर रात वरिष्ठ आईएएस अफसरों के नाम जारी कर दिए। लखनऊ में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार, रायबरेली में मंडलायुक्त लखनऊ मुकेश कुमार मेश्राम, कानपुर में प्रमुख सचिव श्रम सेवायोजन सुरेश चंद्र को तैनात किया गया है। नोडल अफसर संबंधित जिलों में संक्रमण रोकने के हर उपाय सुनिश्चित करेंगे। शासन ने देर रात चिकित्साधिकारियों के नाम भी जारी कर दिए। लखनऊ में राज्य मानसिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुनील पांडेय जबकि रायबरेली में संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य भवन डॉ. डीके सिंह को तैनात किया गया है। कानपुर में संयुक्त निदेशक मलेरिया डॉ. विकास सिंघल को जिम्मेदारी दी गई है।