यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन-3 में संचालित किए जाने वाले उद्योग-धंधों के लिए कार्ययोजना बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रविवार को ही औद्योगिक गतिविधियों के लिए एडवाइजरी जारी की जाए।
मुख्यमंत्री रविवार को पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर अफसरों के साथ लॉकडाउन की समीक्षा कर रहे थे जिसमें उन्होंने कई निर्देश दिए। उन्होंने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को लेबर रिफार्म पर कार्ययोजना बनाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि लाभार्थियों के बैंक खाते में भरण-पोषण भत्ते की धनराशि जल्द से जल्द स्थानांतरित कराई जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्वारंटीन सेंटर व कम्युनिटी किचन की व्यवस्थाओं का सतत निरीक्षण किया जाए। इस कार्य में कोई भी शिथिलता न बरती जाए। प्रत्येक क्वारंटीन सेंटर में अच्छा व पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सप्लाई चेन को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश देते हुए डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को और प्रभावी बनाए जाने हेतु कार्यवाही करने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से ट्रेन से आ रहे प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को क्वारंटीन सेंटर में रखकर उनकी सही ढंग से स्क्रीनिंग की जाए। स्वस्थ पाए जाने वाले कामगारों व श्रमिकों को खाद्यान्न किट उपलब्ध कराकर होम क्वारंटीन के लिए उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। अस्वस्थ होने की दशा में कामगारों व श्रमिकों को इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिलाधिकारी कोरोना उपचार में लगी मेडिकल टीम की अनिवार्य क्वारंटीन व्यवस्था का निरीक्षण करें।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन व्यवस्था के लागू होने से राजस्व में कमी आई है। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 16 लाख कर्मचारियों के वेतन और 12 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का समय से पूर्व भुगतान सुनिश्चित कराया है। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रहने वाले कर्मी अपने सहयोगियों के लिए कोरोना कैरियर बन सकते हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने कार्यस्थल न जाएं।