मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को प्रदेश में दैवी आपदाओं से बचाव, जागरूकता व पारदर्शी राहत वितरण प्रणाली संबंधी चार नई पहल का शुभारंभ करेंगे। मौके पर 9 लाख से अधिक श्रमिकों के बैंक अकाउंट में डीबीटी के जरिए 1000-1000 रुपये की आर्थिक सहायता हस्तांतरित की जाएगी।
राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बिजली गिरने से बचाव, राहत संबंधी सर्वे, राहत राशि वितरण व बाढ़ कार्ययोजना का ऑनलाइन मॉड्यूल का मुख्यमंत्री एक साथ शुभारंभ करेंगे। इसी तरह मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों से घर लौटे प्रवासी श्रमिकों को 1000-1000 रुपये देने का एलान किया था।
पहले चरण में 10 लाख से अधिक श्रमिकों को भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री दूसरे चरण में चिह्नित व पहले चरण में जिन श्रमिकों के खाते में ट्रांजेक्शन फेल हो गया था, उनके खाते में 1000-1000 रुपये भेजेंगे। दूसरे चरण में करीब 9,08,855 श्रमिकों के खाते में राशि भेजे जाने की योजना है।
इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम
वर्षा, वज्रपात व अन्य आपदाओं से जुड़ी चेतावनी एसएमएस से भेजी जाएगी। इसके लिए एनआईसी के सहयोग से इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित किया गया है। केंद्र सरकार के मौसम विभाग द्वारा खराब मौसम की पूर्व चेतावनी जारी की जाती है। इस सिस्टम के जरिए आम लोगों के मोबाइल पर एसएमएस व वॉइस मैसेज के रूप में आटोमेटिक अलर्ट रियल टाइम में भेजा जाएगा। बिजली गिरने से होने वाली मृत्यु में भी इससे कमी आने की संभावना है।