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आपदा से बचाव, राहत वितरण की चार अच्छी पहल आज से, सीएम योगी एक साथ करेंगे शुभारंभ

Fri, 24 Jul 2020 11:04 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : एएनआई
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को प्रदेश में दैवी आपदाओं से बचाव, जागरूकता व पारदर्शी राहत वितरण प्रणाली संबंधी चार नई पहल का शुभारंभ करेंगे। मौके पर 9 लाख से अधिक श्रमिकों के बैंक अकाउंट में डीबीटी के जरिए 1000-1000 रुपये की आर्थिक सहायता हस्तांतरित की जाएगी। 
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राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बिजली गिरने से बचाव, राहत संबंधी सर्वे, राहत राशि वितरण व बाढ़ कार्ययोजना का ऑनलाइन मॉड्यूल का मुख्यमंत्री एक साथ शुभारंभ करेंगे। इसी तरह मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों से घर लौटे प्रवासी श्रमिकों को 1000-1000 रुपये देने का एलान किया था। 

पहले चरण में 10 लाख से अधिक श्रमिकों को भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री दूसरे चरण में चिह्नित व पहले चरण में जिन श्रमिकों के खाते में ट्रांजेक्शन फेल हो गया था, उनके खाते में 1000-1000 रुपये भेजेंगे। दूसरे चरण में करीब 9,08,855 श्रमिकों के खाते में राशि भेजे जाने की योजना है।
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इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम 
वर्षा, वज्रपात व अन्य आपदाओं से जुड़ी चेतावनी एसएमएस से भेजी जाएगी। इसके लिए एनआईसी के सहयोग से इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित किया गया है। केंद्र सरकार के मौसम विभाग द्वारा खराब मौसम की पूर्व चेतावनी जारी की जाती है। इस सिस्टम के जरिए आम लोगों के मोबाइल पर एसएमएस व वॉइस मैसेज के रूप में आटोमेटिक अलर्ट रियल टाइम में भेजा जाएगा। बिजली गिरने से होने वाली मृत्यु में भी इससे कमी आने की संभावना है।
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आपदा प्रहरी एप

आपदा राहत योजनाओं से जुड़ी कार्रवाई को जनभागीदारी से जोड़ने की यह अनूठी पहल है। किसी तरह की आपदा घटित होने पर आम नागरिक इस एप पर सूचना दर्ज कर सकता है। प्रत्येक सूचना की तहसील द्वारा जांच कराई जाएगी। आपदा की पुष्टि के बाद प्रभावित लोगों को मानक के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।    

ऑनलाइन रिलीफ मॉड्यूल 
आपदा से नुकसान के मूल्यांकन व प्रभावितों को सहायता राशि देने की मौजूदा प्रक्रिया ऑफलाइन है। राहत आयुक्त ने राहत वितरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी व समयबद्ध बनाने के लिए ऑनलाइन रिलीफ माड्यूल तैयार कराया है। इसमें राजस्व कर्मी  तय प्रक्रिया में जांच कर ऑनलाइन प्रणाली पर रिपोर्ट देगा। पीड़ित को पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम से राज्य मुख्यालय स्तर से ही उसके खाते में सहायता राशि भेज दी जाएगी।

ऑनलाइन बाढ़ कार्ययोजना मॉड्यूल 
विभिन्न आपदाओं व उसके नुकसान का डाटा संग्रह करने, उसका विश्लेषण कर कार्ययोजना तैयार करने के लिए एनआईसी की मदद से ऑनलाइन बाढ़ कार्ययोजना मॉड्यूल डवलप किया गया है। इसमें जिलों में पिछले 10 वर्षों के बाढ़ से संबंधित आंकड़े, नुकसान आदि का ब्योरा होगा। इसमें राहत प्रबंधन का विवरण होगा। लोगों को बाढ़ राहत केंद्र आदि पहुंचने में आसानी होगी। इसके लिए इनकी जियो टैगिंग भी की जाएगी।
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