मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को प्रदेश के 58 हजार से अधिक नवनिर्वाचित प्रधानों से वर्चुअल माध्यम से मुखातिब थे। उन्होंने प्रधानों से गांव के गरीबों निराश्रितों की मदद करने, गांव में रोजगार के अवसर बढ़ाने व अपने ग्राम सभा के सचिवालय को सभी सुविधाओं से युक्त बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों से कहा है कि वह अपने गांव को कोरोना मुक्त गांव, स्मार्ट विलेज बनाने में आपस में प्रतिस्पर्धा करें। उन्होंने प्रधानों को बिना भेदभाव के जनता के लिए कार्य करने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों के पास 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च के लिए उपलब्ध है। वह अपने गांव को दर्शनीय, शहर से सुंदर बनाने का संकल्प लें।
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मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को प्रदेश के 58 हजार से अधिक नवनिर्वाचित प्रधानों से वर्चुअल माध्यम से मुखातिब थे। उन्होंने प्रधानों से गांव के गरीबों निराश्रितों की मदद करने, गांव में रोजगार के अवसर बढ़ाने व अपने ग्राम सभा के सचिवालय को सभी सुविधाओं से युक्त बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कोरोना महामारी की दूसरी लहर से बचाव में नवनिर्वाचित प्रधानों की भूमिका की मुक्त कंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम प्रधानों ने शपथ लेने से पहले ही स्वयं से आगे आकर निगरानी समितियों का नेतृत्व संभाला और गांव को कोरोना से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। उन्होंने कुछ प्रधानों से बात भी की।
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अपने गांव को कुपोषण मुक्त व टीवी मुक्त बनाएं : राज्यपाल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा सभी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाएं और अपने गांव को कुपोषण मुक्त व टीवी मुक्त बनाएं। उन्होंने प्रधानों को पारदर्शिता के साथ काम कर लोगों से सम्मान बटोरने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष में इतना अच्छा काम करके दिखाओ तो दोबारा फिर चुनकर आ जाओ। राजपाल ने कहा कोविड-19 ने ऑक्सीजन के संकट से आगाह कर दिया है। ऑक्सीजन पर्यावरण से आता है। ऐसे में गांव में पौधारोपण करने का अभियान चलाएं। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूह व पहली बार जीते लोगों को खासतौर से बधाई दी।