सीएम ने सरकारी योजनाओं का लाभ पाने वाले अयोध्या के अनुसूचित जाति के महावीर का किस्सा सुनाते हुए कहा कि ये योजनाएं आम गरीबों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बना रही हैं। बसपा का बिना नाम लिए कहा कि पहले जिनके महावीर जैसे लोग वोट बैंक थे, उन्होंने कभी सत्ता पाने पर इन लोगों का भला नहीं किया।
अधूरे होम प्रोजेक्ट्स के बारे में सप्ताह भर में महत्वपूर्ण निर्णय
सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिल्डर्स की गड़बड़ियों पर हम तमाशबीन बनकर नहीं रह सकते। खरीदारों को समय से मकान मिलने चाहिए। याद रखें कि हर कोई कालाधन मकान में नहीं लगाता। लोग बैंक से कर्ज लेकर भी मकान खरीदते हैं।
इन समस्याओं पर रिपोर्ट देने के लिए प्रदेश सरकार ने मंत्री समूह गठित किया। केंद्र सरकार ने भी डीएस मिश्रा कमेटी का गठन किया। दोनों की रिपोर्ट आ गई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी गठित करके इन रिपोर्ट्स के आधार पर स्पष्ट संस्तुतियां देने के लिए कहा है। आंशिक रूप से पूरे प्रोजेक्ट्स और एफएआर के मुद्दों पर सुस्पष्ट निष्कर्षों पर पहुंचा जाएगा। जो भी निर्णय होंगे, उन्हें सप्ताह भर के अंदर जारी कर दिया जाएगा।
लोगों का जीवनस्तर सुधारने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश है कि लोगों का जीवन स्तर सुधरे। पिछले पांच वर्षों में देश में 10 करोड़ शौचालय लोगों को दिए गए। 93 लाख आवास शहरी क्षेत्रों में लोगों को दिए गए। एक करोड़ 10 लाख बिजली के कनेक्शन दिए। ये सब आम जनता के जीवन स्तर को उठाने के लिए किया गया है।
सीएम ने कहा कि सिस्टम में हर स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए। रियल एस्टेट से संबंधित मामले 10-15 वर्षों से अटके होने का कारण सिर्फ राजनैतिक व प्रशासनिक बेईमानी व बदनीयती थी। मकान खरीदारों से पैसे ले लिए जाते थे, फिर उसकी बंदरबांट होती थी। बचे हुए धन को बिल्डर्स भी अन्यत्र लगा देते थे। योगी ने कहा कि ये चुनौतियां हमें विरासत में मिली हैं।
रेरा से संबंधित 80 फीसदी मामले नोएडा क्षेत्र में थे, इसलिए वहां भी इसकी एक क्षेत्रीय पीठ की स्थापना कर दी गई। साल भर में 20 हजार मामले आए, जिनमें से 12 हजार मामलों का व्यवहारिक हल निकाल लिया गया है। सीएम ने कहा कि प्रदेश का माहौल लगातार सुधर रहा है, इसलिए पिछले तीन साल में दो लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश आया है।
कानपुर-आगरा में मेट्रो जल्द
सीएम ने कहा कि कानपुर और आगरा में भी जल्द मेट्रो रेल सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश के 10 नगर निगम क्षेत्र केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना में शामिल किए गए हैं। शेष 7 नगर निगम क्षेत्रों को राज्य सरकार अपने स्तर से स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र के पिछले पांच वर्ष के कार्यकाल में उतने लोगों को आवास, शौचालय, बिजली व गैस कनेक्शन दिए गए, जितने आजादी के बाद से 2014 तक नहीं दिए गए।