मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा विधायक सरकार और सदन की मर्यादा के अनुरूप व्यवहार कर अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दे सदन में रखें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने जो विश्वास जताया है उसके अनुरूप पूरी तैयारी के साथ सदन में उपस्थित रहकर न केवल प्रदेश के विकास में भागीदार बनें बल्कि विपक्षी दलों की साजिश को भी बेनकाब करें।
लोकभवन में शनिवार शाम आयोजित भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विधायक पूरे समय सदन में उपस्थित रहें। सदन में किसी भी मुद्दे या सवाल को रखने से पहले उस विषय की पूरी तैयारी करें। सदन सबसे बड़ा मंच है, सदस्यों को इसका उपयोग कर अपने क्षेत्र के विकास और क्षेत्र की जनता को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा की है, लेकिन विपक्ष अपने व्यवहार के अनुरूप काम करेगा। ऐसे में सत्ता पक्ष के विधायकों को मजबूती के साथ सरकार का पक्ष रखना है। उन्होंने कहा कि खासतौर पर नए सदस्यों को सदन में अधिक से अधिक समय देकर सदन की कार्यवाही को देखना और समझना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 जून को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-3 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 हजार करोड़ से अधिक की दो हजार से अधिक परियोजनाओं का भूमिपूजन करेंगे। वहीं 6 जून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। इन सभी कार्यक्रमों में विधायकों को भागीदारी निभानी है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के आठ वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में प्रदेश में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की 25 करोड़ आबादी ने 403 सदस्यों पर विश्वास व्यक्त कर उन्हें देश की सबसे बड़ी विधानसभा का सदस्य चुना है। विधानसभा के प्रत्येक सदस्य को भी प्रदेश की आबादी के भाग्य को बदलने में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी अच्छा काम करेगा तो प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का सम्मान बढे़गा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा को लेकर लोगों के मन में बनी धारणा को बदलने के लिए भी प्रत्येक सदस्य को अपना योगदान देना होगा।
विधानसभा सभागार में रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में सामान्य चर्चा, आचार-विचार और व्यवहार से सदन की गरिमा बढ़ती है और सदस्यों का सम्मान भी बढ़ता है। सदन चर्चा का बेहतरीन मंच होना चाहिए। जो सदस्य चुनकर आएं हैं हो सकता है उनकी शिक्षा भले ही कम हो, लेकिन उनका व्यवहारिक ज्ञान बहुत है।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सभी दलीय नेताओं को आश्वस्त किया कि सरकार पूरी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ सदन में प्राप्त सदस्यों के प्रस्तावों को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने, विकास की योजनाओं को नई गति देने और उसे आगे बढ़ाने के लिए तत्परतापूर्वक कार्य करेंगी।
किसी भी समय तक सदन चलाने के लिए तैयार : महाना
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विधानसभा का एजेंडा केवल उस तारीख का नहीं है बल्कि पूरी कार्यवाही तक है इसलिए सदन की कार्यवाही को किसी भी समय तक चलाने को तैयार हैं। महाना ने कहा कि जिस दिन सदन में नेता सदन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव बोलेंगे उस दिन नियम-56 की सूचनाएं नहीं ली जाएंगी। उन्होंने एक बार फिर साफ किया कि सदस्य के सदन में उपस्थित होने पर ही उनकी सूचना स्वीकार की जाएगी।
महाना ने कहा कि जब तक सदन में जब तक कोरम रहेगा तब तक सदन का संचालन किया जाएगा। सदन संचालन में सत्ता पक्ष और विपक्ष की संयुक्त जिम्मेदारी है। यह धारणा भी गलत है कि मंत्री अध्यक्ष से मिल करके आ जाते हैं कि उनके विभाग का प्रश्न न आए। उन्होंने कहा कि ज्यादातर मंत्री तैयारी के साथ आते हैं और वह चाहते हैं कि उनका प्रश्न अवश्य आए।
उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही का सोशल मीडिया पर सीधा प्रसारण किया जाएगा लिहाजा सभी सदस्यों को इस बात के लिए सावधान रहना पड़ेगा कि उनके व्यवहार को पूरा प्रदेश देख रहा है। बैठक में सपा के नेता प्रतिपक्ष के स्थान पर इंद्रजीत सरोज, रालोद के राजपाल बालियान, अपना दल (एस) के राम निवास वर्मा, निषाद पार्टी के अनिल कुमार त्रिपाठी, सुभासपा के जगदीश नारायण राय, कांग्रेस की नेता आराधना मिश्रा मोना, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता रघुराज प्रताप सिंह, बसपा दल के नेता उमाशंकर सिंह ने भी विचार रखे।
विधानसभा में सोमवार को पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद चार अध्यादेश और 8 विधेयक सदन में रखे जाएंगे। आठ विधेयक विधान परिषद से बिना किसी संशोधन के साथ लौटे आठ विधेयकों को सदन में रखकर कानून के रूप में पारित किया जाएगा।
अध्यादेश सदन में रखे जाएंगे
- भातखंडे राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय अध्यादेश-2022
- उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश-2022
- उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) अध्यादेश-2022
- उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश-2022
ये कानून पारित होंगे
- उत्तर प्रदेश औद्योगिक शांति (मजदूरी का यथासमय संदाय) (संशोधन) विधेयक -2021
- उत्तर प्रदेश माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक - 2021
- उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान (संशोधन) विधेयक - 2021
- उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक - 2021
- उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (द्वितीय संशोधन) विधेयक - 2021
- उत्तर प्रदेश राज्य क्रीडा विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक - 2021
- उत्तर प्रदेश चतुर्थ निरसन विधेयक -2021
- उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) द्वितीय संशोधन विधेयक -2021