मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, एमएसएमई सेक्टर में लाखों लोगों को रोज़गार मुहैया कराया जा सकता है। उन्होंने कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रतिदिन 50 लाख लोग प्रदेश में मनरेगा के रोजगार के साथ जुड़ें। ऐसा करने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नया बल मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हम लोग प्रतिवर्ष बेसिक शिक्षा परिषद की मदद से एक करोड़ 80 लाख से अधिक बच्चों के लिए यूनिफॉर्म और स्वेटर बनाते हैं। यह यूनिफॉर्म और स्वेटर बनाने का काम हम महिला स्वयंसेवी समूहों को दे सकते हैं। ऐसे कई कार्यों के लिए हम लोगों और महिला स्वयं सेवी समूहों को प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग विभिन्न स्थानों पर नए-नए रोजगार और नई नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कन्नौज के अश्वनी कुमार, वाराणसी की प्रेमलता, गोरखपुर के असित कुमार मिश्रा, हरदोई की जूली सिंह और प्रतापगढ़ के रविसेन सिंह से बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी को बधाई देते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।