‘मैंने न कभी झाड़ू लगाई है और न लगाएंगे और न ही किसी को लगाने के लिए कहेंगे। झाड़ू लगाना मौजूदा केंद्र सरकार के चुनावी घोषणा पत्र में भी नहीं था, फिर भी इसे सबसे पहले लागू किया गया और बाकी घोषणाओं का कहीं अता-पता ही नहीं ही। इस अभियान के लिए नॉमिनेट करने के पूर्व मुझसे पूछा तक नहीं गया।’
यह कहना है प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का। स्वच्छ भारत अभियान और गंगा सफाई अभियान की खिल्ली उड़ाते हुए उन्होंने कहा कि हम भी देखते हैं कि गंगा कब साफ होती है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को ट्रांसगंगा सिटी का शिलान्यास करने उन्नाव आए थे। उन्होंने कहा कि बदायूं कांड में सभी दलों ने सपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया था।
अब सीबीआई रिपोर्ट में सारी स्थिति साफ हो चुकी है, मगर किसी ने भी उनसे माफी नहीं मांगी।
किसी भी सरकार ने अब तक ऐसा नहीं किया
सपा सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि चाहे समाजवादी पेंशन योजना हो या फिर एंबुलेंस सेवा, ऐसा काम देश में कहीं नहीं हुआ। उन्होंने किसानों को मुफ्त पानी देने की बात जोड़ते हुए कहा कि किसी भी प्रदेश सरकार ने अपने यहां के किसानों को मुफ्त पानी नहीं दिया।
अखिलेश ने दावा किया कि वर्ष 2016 में सभी शहर 24 घंटे बिजली पाएंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे की बिजली आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए लगातार सबस्टेशन बनाने का काम चल रहा है। आगरा में धर्म परिवर्तन को लेकर हुए बवाल की खबर पर उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें खबर मिली तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस हाईवे को उन्होंने 22 महीनों के भीतर तैयार होने का दावा किया। कहा कि इसके आसपास आलू, दूध, गल्ला, सब्जियों आदि की मंडियां विकसित की जाएंगी, जिसका लाभ सीधे तौर पर किसान ले सकेंगे।
गंगा की सफाई को लेकर चल रही तैयारियों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भी देखते हैं कि गंगा कब साफ होती है। गंगा को किसी धर्म या जाति से जोड़ने की बात को गलत बताते हुए उन्होंने गंगा को समाजवादी नदी करार दिया।
वार्ड साफ करो और करोड़पति बनो
अखिलेश ने यह भी कहा कि गंगा के किनारे हर धर्म और जाति के लोग बसे हैं। यह किसी एक संप्रदाय की नदी नहीं है। कानपुर-लखनऊ हाईवे की दुर्दशा का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह हाईवे प्रदेश सरकार का नहीं है और केंद्र की लापरवाही सभी के सामने है।
कई साल से यह हाईवे बनकर तैयार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह काम हमें दे दें, देखते-देखते इसे चार नहीं आठ लेन का तैयार कर देंगे।
मुख्यमंत्री ने सफाई व्यवस्था के लिए ईनामी योजना की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि कानपुर में यह योजना लागू की गई है। इसके तहत तीन पुरस्कार दिए जाएंगे। पहला एक करोड़, दूसरा तीस लाख और तीसरा बीस लाख रुपए का है। जिस सफाई कर्मचारी के वार्ड में सबसे अच्छी सफाई नजर आएगी, वे इसके हकदार होंगे।
एंबुलेंस सर्विस की तरह हाईटेक बनेगी पुलिस
तमाम दूर-दराज के गांवों में किसी दुर्घटना की सूचना पर एंबुलेंस पंद्रह मिनट में पहुंच जाती है, मगर पुलिस नहीं पहुंचती।
इसे लेकर मुख्यमंत्री ने जल्द ही पुलिस की कार्यप्रणाली को दुरुस्त और हाईटेक करने के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि चाहे जितना भी पैसा खर्च हो जाए लेकिन यह इंतजाम हर हाल में किया जाएगा।