अंतरराष्ट्रीय डॉन छोटा राजन भले ही यूपी में किसी मामले में वांटेड नहीं है लेकिन उसके गिरोह के गुर्गे यहां सक्रिय जरूर हैं। छोटा राजन इनका इस्तेमाल मुंबई, पुणे समेत कई जगहों पर वारदातों में कर चुका है।
राजन के पकड़े जाने के बाद डीजीपी मुख्यालय ने उसके खिलाफ मामलों की जानकारी की तो पता चला कि उसके खिलाफ यहां कोई केस दर्ज नहीं है। हालांकि, वह सीबीआई द्वारा वांटेड है।
कभी दाऊद इब्राहिम के साथी रहे छोटा राजन ने बाद में अपना गिरोह बना लिया। वह दाऊद के सबसे बड़े विरोधियों में से एक बनकर उभरा। यूपी के तमाम लड़के उसके गिरोह से जुड़ गए। पिछले दिनों एक व्यापारी को वसूली के लिए धमकाने के वीडियो को लेकर चर्चा में आया अंबेडकरनगर का खान मुबारक और उसका भाई जफर मुबारक दोनों ही छोटा राजन गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं।
जफर मुबारक अपने एक अन्य साथी खेता सराय, जौनपुर निवासी ओसामा के साथ छोटा राजन के लिए मुंबई में हत्या करने गया था।
एडीजी एसटीएफ दलजीत चौधरी के मुताबिक छोटा राजन की यूपी एसटीएफ या एटीएस दोनों को ही तलाश नहीं है। गिरोह के कुछ गुर्गे यूपी में सक्रिय हैं, लेकिन एक-दो को छोड़ बाकी का किसी वारदात में नाम सामने नहीं आया। उन्होंने अधिकतर घटनाएं महाराष्ट्र में कीं।
अपने ही खास साथी की हत्या कराई थी छोटा राजन ने
छोटा राजन ने अपने ही खास साथी फरीद तनासा की हत्या कराई थी। राजन को सूचना मिली थी कि तनासा उसके विरुद्ध जा रहा है। इस हत्याकांड में जिन शूटरों का इस्तेमाल हुआ, उनमें अमावा खुर्द, सरपतहा जौनपुर के रवि प्रकाश सिंह, सुल्तानपुर के पंकज सिंह, अंबेडकरनगर के निखिल सिंह और सरायमीर, आजमगढ़ के शाकिब शामिल थे। इन सबके खिलाफ मुंबई में मुकदमे दर्ज हैं।
2009 से 2011 के दौरान यूपी एसटीएफ ने छोटा राजन गैंग के 23 सदस्यों को गिरफ्तार कर मुंबई पुलिस को सौंपा था। उस समय एडीजी एसटीएफ और फिर स्पेशल डीजी रहे बृजलाल बताते हैं कि यूपी पुलिस और मुंबई पुलिस में खासा तालमेल था। बकौल बृजलाल इलाहाबाद में तो छोटा राजन के कई गुर्गे हैं। यूपी में उसका सबसे खास आदमी झूंसी का राजेश यादव है।
एसटीएफ उस पर भी कार्रवाई कर चुकी है। एक और विश्वासपात्र धूमनगंज का बच्चा पासी है। बच्चा पासी सभासद रह चुका है। इलाहाबाद के ही राजापुर का फैज उर्फ मास्टर भी छोटा राजन के नजदीकियों में से एक है। फैज बम बनाने में माहिर है।
बस्ती, मऊ, कौशांबी, चित्रकूट, आजमगढ़, अंबेडकरनगर में उसके गुर्गे हैं। बृजलाल के मुताबिक कई ऐसे सदस्य रहे जो छोटा राजन के खास हेमंत पुजारी के साथ जुड़ गए। मूल रूप से कर्नाटक निवासी हेमंत पुजारी ने बाद में अपना गैंग खड़ा कर लिया। उसके गिरोह में गोरखपुर के पांच, संत कबीरनगर के सात, बस्ती के दो और सीवान का एक युवक है।