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छठ आज से:घाटों-अपार्टमेंट में हुईं पूजा की तैयारियां, छेड़खानी रोकने के लिए सक्रिय रहेंगे एंटी रोमियो स्क्वायड

Tue, 05 Nov 2024 07:05 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Chhath Puja 2024: छठ पूजा की शुरुआत आज से हो रही है। इसके लिए शहर के घाटों की साफ-सफाई की गई। उधर प्रशासन और पुलिस ने भी इस पर्व की तैयारियां कर ली हैं। 
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छठ पूजा की तैयारियां। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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संतान की समृद्धि, खुशहाली व अच्छी सेहत के लिए रखे जाने वाले छठ महापर्व का शुभारंभ मंगलवार भोर से हो रहा है। इसके मद्देनजर सोमवार को घाटों पर श्रद्धालु सुशोभिता बनाते नजर आए। घरों व अपार्टमेंट में भी छठ माई की पूजा के लिए विशेष सफाई की गई। स्नान के लिए अपार्टमेंट व आवासीय समितियों में भी अस्थायी कुंड बनाए गए हैं।

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छठ पूजा प्रकृति को समर्पित पर्व है जिसमें सूर्यदेव और छठी मैया की पूजा होती है। यह पर्व चार दिन चलता है जिसका आरंभ चतुर्थी तिथि से हो जाता है और समापन सप्तमी तिथि पर होता है। छठ पर्व पर व्रती कमर तक जल में प्रवेश कर सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं। छठ की शुरुआत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है। इस त्योहार का समापन सप्तमी पर होता है। यह महापर्व पांच से आठ नवंबर तक मनाया जाएगा। कुड़ियाघाट, लक्ष्मण मेला घाट, पंचवती घाट और गऊघाट पर सोमवार देर शाम तक तैयारियां होती रहीं।

खरना कल, छठ मैया को लगेगा गुड़ की खीर का भोग
आचार्य एसएस नागपाल के मुताबिक, छठ पर्व मुख्य रूप से षष्ठी तिथि को किया जाता है। इसका आरंभ नहाय खाय से पांच नवंबर से हो रहा है। पहले दिन व्रती महिलाएं नदियों में स्नान कर कद्दू की सब्जी, लौकी, भात, सरसों का साग एक समय खाती हैं। दूसरे दिन छह नवंबर को खरना या लोहंडा किया जाएगा। इसमें शाम के समय व्रती महिलाएं गुड़ की खीर बनाकर छठ मैया को भोग लगाती हैं। पूरा परिवार इस प्रसाद को खाता है। तीसरे दिन सात नवंबर को छठ महापर्व मनाया जाएगा जिसमें अस्त होते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। चौथे दिन सप्तमी तिथि पर आठ नवंबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पर्व का समापन होगा। छठ पूजा के दौरान प्रसाद के रूप में ठेकुआ, मालपुआ, चावल के लड्डू, फलों और नारियल का प्रयोग किया जाता है।

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इसलिए देते हैं डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य

छठ पूजा में तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है, क्योंकि यह समय प्रतीकात्मक रूप से जीवन के संघर्षों और कठिनाइयों को समाप्त करने और नवजीवन का आरंभ करने का संकेत देता है। डूबते सूर्य की पूजा करके व्यक्ति नई ऊर्जा के साथ अगली सुबह का स्वागत करने की शक्ति प्राप्त करता है।
 
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छठ पर छेड़खानी रोकने को एंटी रोमियो स्क्वायड रहे सक्रिय : डीजीपी

यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार - फोटो : amar ujala
 डीजीपी प्रशांत कुमार ने छठ पर्व के दौरान छेड़खानी की घटनाओं की रोकथाम के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड को सक्रिय रखने और सादे कपड़ों में महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों को तैनात करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सोमवार को इस बाबत सभी पुलिस कमिश्नर, एडीजी जोन, आईजी रेंज और जिलों के कप्तानों को रेलवे स्टेशनों व बस अड्डाें पर भी पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने को कहा।

डीजीपी ने कहा कि छठ पर्व के अवसर पर घाटों, पूजा स्थलों, नदियों व तालाबों आदि पर महिलाओं के अतिरिक्त बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं. इनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए। इन जगहों पर प्रकाश, साफ-सफाई और गोताखोरों की समुचित व्यवस्था भी की जाए। प्रमुख घाटों पर अग्निशमन वाहनों को भी तैनात किया जाए। वहीं ट्रेनों व बसों से बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन के मद्देनजर कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। फुट पेट्रोलिंग के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल लगाया जाए। स्थानीय अभिसूचना इकाई के अधिकारियों व कर्मचारियों को सतर्क रखने के साथ ही असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म की माॅनिटरिंग करें और किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक व भ्रामक पोस्ट का तत्काल संज्ञान लेते हुए उनका खंडन कर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।




 
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