सिपाही भर्ती परीक्षा का पर्चा आउट करने की कोशिश में पकड़े गए आरोपी बड़े
खिलाड़ी हैं।
कई परीक्षाओं में पर्चा आउट करा चुके इन आरोपियों का निशाना
दिल्ली पुलिस में चल रही सिपाहियों की भर्ती परीक्षा थी।
एसटीएफ
के आईजी आशीष गुप्ता के मुताबिक यह गिरोह पूर्व में रेलवे की ग्रुप डी
परीक्षा, एनआईसीएल परीक्षा, एसएससी में जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा और
एसएससी में कंबाइंड सेकंडरी क्लर्क भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को नकल
करा चुका है।
आईजी ने कहा कि यह गिरोह रविवार को हुई सिपाही भर्ती परीक्षा
का पर्चा लीक कराना चाहता था, लेकिन अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हुआ।
चूंकि गिरोह के लोगों ने कई अभ्यर्थियों को एसएमएस से ‘आंसर की’ भेजने का
भरोसा देकर रुपया ले लिया था, परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद फर्जी
‘आंसर की’ बना एसएमएस कर दिया।
आईजी ने कहा
कि गिरफ्तार हुए लोगों में छपरौली, बागपत निवासी विकास, रोहित और हरेंद्र
सगे भाई हैं। इनमें से रोहित यूपी पुलिस में सिपाही है तो हरेंद्र दिल्ली
पुलिस में तैनात है।
रोहित को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश
दिए गए हैं। गिरोह का मुखिया अमित कुमार नेहरा गुजरात के गांधीधाम में आयकर
निरीक्षक है। वह पहले से इस धंधे में लगा हुआ है।
दिल्ली
पुलिस में सिपाही भर्ती परीक्षा का पर्चा हरेंद्र के जरिए आउट कराने की
कोशिश थी। आईजी ने कहा कि गिरोह ने इसके लिए कुछ अभ्यर्थियों से संपर्क भी
कर लिया था, लेकिन उनसे रुपये नहीं ऐंठे जा सके थे।
फिर सामने आई अरविंद राणा की करतूतपुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने का पूरा प्लान उसी अरविंद राणा ने
तैयार किया था, जो ऐसी करतूतों के लिए न केवल पहले से बदनाम है बल्कि
वांटेड भी चल रहा है।
यह खुलासा छपरौली के हलालपुर गांव से गिरफ्तारी
कांस्टेबल रोहित से पूछताछ में हुआ है। उसने इस गिरोह के 13 सदस्यों के नाम
बताए हैं। यह भी पता चला है कि अरविंद राणा और अमित नेहरा गिरोह आपस में
हाथ मिला चुके हैं।