लखनऊ। कंपनी द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव (एलयूसीसी) के पूर्व मैनेजर ने विकासनगर शाखा के मुख्य प्रबंधक व दो अन्य पर निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 12 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शनिवार को तीनों के खिलाफ एफआईआर की।
इंदिरानगर के तकरोही निवासी प्रवेश के मुताबिक वर्ष 2016 में उन्होंने कंपनी की विकासनगर शाखा में नौकरी शुरू की थी। मुख्य प्रबंधक विकासनगर के समीर अग्रवाल, सदस्य बाराबंकी के सूरतगंज निवासी डॉ. उत्तम सिंह राजपूत व मैनेजर डॉ. आरके शेट्टी थे। 2023 में प्रवेश को मैनेजर बना दिया गया।
प्रवेश ने बताया कि कंपनी लोगों से एफडी व अन्य में निवेश कराती है। तय समय बाद मुनाफे के साथ रकम लौटाई जाती है। अफसरों के कहने पर उन्होंने, उनके परिचितों व कुछ ग्राहकों ने 12 लाख रुपये निवेश किए। हालांकि, न तो मुनाफा और न ही 12 लाख रुपये वापस मिले।
प्रवेश का आरोप है कि जब उन्होंने विरोध किया तो समीर व दो अन्य अफसरों ने उन्हें धमकाया। विकासनगर पुलिस से शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में कोर्ट की शरण ली। थानाध्यक्ष आलोक सिंह के मुताबिक ब्रजेंद्र सिंह विवेचना कर रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
अब तक छह लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
बाराबंकी पुलिस कंपनी के निदेशक दिनेश सिंह उर्फ डीके, उप डिस्ट्रिक्ट हेड संजीव कुमार वर्मा, मैनेजर स्वामी दयाल मिश्रा, रामशरण वर्मा, मनोज कुमार मौर्या व एजेंट रामनरेश वर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है। डॉ. उत्तम सिंह व उसकी पत्नी माया भागे हुए हैं। बताया जा रहा है कि मुख्य संचालक समीर अग्रवाल दुबई में है। कंपनी के खिलाफ बाराबंकी में डेढ़ दर्जन मुकदमे हैं। ललितपुर व अन्य राज्यों में भी कई केस हैं।