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आरआरटी की लापरवाही, गलत रिपोर्टिंग पर सीएचसी प्रभारी होंगे जिम्मेदार

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कोरोना की प्रभावी रोकथाम के लिए प्रभारी अधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने बुधवार को आरआरटी के कार्यों की समीक्षा की।
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इस दौरान इंदिरानगर निवासी कुछ लोगों ने फीडबैक में बताया कि क्षेत्र में आरआरटी द्वारा न ही संपर्क किया गया और न ही दवा उपलब्ध कराई गई।
इस पर प्रभारी अधिकारी ने संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों को चेताया कि आगे गलत रिपोर्टिंग की पुष्टि होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आरआरटी की जांच और दवा वितरण की सूची प्रतिदिन कमांड सेंटर को दी जाए। उन्होंने बताया कि कमांड सेंटर द्वारा बुधवार को 170 लोगों से संपर्क किया गया था।
इसमें इंदिरानगर में आरआरटी टीम की लापरवाही सामने आई। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया गया कि संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों को चेतावनी जारी की जाए।
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सभी शहरी सीएचसी को सचेत किया जाए। कोविड पॉजिटिव लोगों के साथ होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों को भी आरआरटी द्वारा दवा उपलब्ध कराई जाए।
आशा और एएनएम बनें आरआरटी का हिस्सा
प्रभारी अधिकारी ने कहा कि वैक्सीनेशन में लगी आशा व एएनएम को छोड़कर आरआरटी में बाकी खाली आशा और एएनएम को लगाया जाए। जो एएनएम आरआरटी में उपस्थिति दर्ज नहीं कराती है तो कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सीएमओ को प्रत्येक सीएचसी पर एक सप्ताह के स्टॉक में दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कैंप लगाकर हो दवा वितरण
प्रभारी अधिकारी ने कहा कि सभी मलिन बस्तियों में कोविड टेस्टिंग व दवा वितरण करने के लिए टीमो को निर्देश दिए गए हैं। मलेसेमऊ, मकदूमपुर, कंचनपुर, अकबरनगर, बालू अड्डा, जानकीपुरम व जुगौली आदि मलिन बस्तियों में कोविड टेस्टिंग एवं दवा वितरण कैम्प लगाए गए हैं। वहीं, राजस्व परिषद की विशेष कार्याधिकारी अपूर्वा यादव व जनप्रगति एनजीओ के सहयोग से उक्त मलिन बस्तियों में कोविड टेस्टिंग व दवा वितरण कैंप लगाए गए।
प्रभारी अधिकारी ने बांटे बिस्कुट
डॉ. रोशन जैकब सैनिटाइजेशन व दवा वितरण के कार्यों के सत्यापन के लिए बालू अड्डा स्थित असमिया बस्ती पहुंचीं। इस दौरान बस्ती में टेस्टिंग व घर-घर दवा वितरण का कार्य होता मिला। बस्ती में प्रभारी अधिकारी ने बच्चों को बिस्कुट भी वितरित किया।
निजी अस्पताल जल्द लगाएं ऑक्सीजन प्लांट
ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति और कोविड मरीजों को बेड उपलब्ध कराने के लिए बुधवार को प्रभारी अधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने अस्पतालों के प्रभारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के सभी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज अपने यहां ऑक्सीजन प्लांट और ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट जल्द से जल्द लगाएं, ताकि ऑक्सीजन की कमी को समाप्त किया जा सके। इसके लिए जीएमडीआईसी को नोडल बनाया गया है। वह कार्यदायी संस्थाओं से अस्पतालों का समन्वय कराकर प्लांट लगवाने में सहयोग देंगे। इसकी मॉनिटरिंग मुख्य चिकित्साधिकारी करेंगे।
पोर्टल पर बेड की डिटेल न देने वालों को नोटिस
प्रभारी अधिकारी ने बताया कि अभी कई अस्पताल पोर्टल पर बेड की स्थिति नहीं दर्शा रहे हैं। इसमें लखनऊ हॉस्पिटल, नोवा हॉस्पिटल, जीसीआरजी हॉस्पिटल, रेवंता हॉस्पिटल, जेपी हास्पिटल और कमांड हॉस्पिटल ने अभी तक पोर्टल पर कोई विवरण दर्ज नहीं किया है। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है।
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तीमारदारों से ऑक्सीजन मंगाई तो कार्रवाई
डॉ. रोशन जैकब ने कहा कि कुछ अस्पताल मरीजों के परिजनों से ऑक्सीजन सिलेंडर लाने के लिए कह रहे हैं। यह अनुचित है। सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है। तीमारदारों से ऑक्सीजन की मांग करने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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