केंद्रीय मंत्री की सैद्धांतिक अनुमति के बाद भी अब तक नहीं मिली एएसआई की अनुमति
चौक से विक्रम कॉटन मिल के बीच 135 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फ्लाईओवर का काम पुरातत्व विभाग की एनओसी न मिलने के कारण अटक गया है। केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल की सैद्धांतिक अनुमति के बाद भी अभी एएसआई की अनुमति नहीं मिल सकी है। जबकि एएसआई के अधिकारियों के निर्देश के मुताबिक सेतु निगम के अधिकारी फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव करने की बात भी कह रहे हैं।
सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह में पुरातत्व विभाग के केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल लखनऊ आए थे। इस दौरान उन्होंने चौक जाकर साइट देखी। एएसआई के अधिकारियों की मौजूदगी में 70 मीटर दूरी पर फ्लाईओवर का डिजाइन भी बदला गया। इसके लिए सेतु निगम ने सहमति भी दे दी। इसके बाद भी एएसआई की अनुमति न मिलने से परेशानी खड़ी हो गई है। इसके लिए केंद्र सरकार से वार्ता की गई है, ताकि जल्दी एनओसी मिल सके। यह समझ से परे है कि विभागीय मंत्री के सामने जब सहमति हर बिन्दु पर बन गई। ऐसे में अब क्या दिक्कत हो रही है?
एक महीने में पूरा हो जाएगा निर्माण
सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक संदीप गुप्ता का कहना है कि पुरातत्व एनओसी अगर मिल जाए तो केवल एक महीने में फ्लाईओवर का काम खत्म हो जाएगा। यह दूसरी बार है जबकि फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव किया गया है।
कोई व्यू खराब नहीं होगा
दिवाकर त्रिपाठी का कहना है कि हमने एएसआई को आश्वस्त किया है कि इस फ्लाईओवर के निर्माण से हुसैनाबाद क्षेत्र का व्यू खराब नहीं होगा। इसके विपरीत फ्लाईओवर बनने से पर्यटकों का आवागमन यहां आसान होगा। इससे अधिक ऊंचाई की सड़क पहले ही हुसैनाबाद क्षेत्र में मौजूद है। दिल्ली में मौजूद एएसआई के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इससे अवगत करा दिया गया है।