फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संयम की साधना का पर्व है चातुर्मास : विहसंत सागरजी

विज्ञापन
आशियाना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित चातुर्मास कलश स्थापना
विज्ञापन
लखनऊ। चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं, बल्कि धर्म, करुणा, संयम और आत्मचिंतन को जीवन में उतारने का अवसर है। यह संदेश उपाध्यायश्री 108 विहसंत सागरजी ने मंगलवार को आशियाना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित चातुर्मास कलश स्थापना दिवस पर श्रद्धालुओं को दिया। मंत्रोच्चारण के बीच चातुर्मास कलशों की विधिवत स्थापना की गई। कार्यक्रम में चंद्रप्रकाश जैन, अजय जैन, नलिन राज कासलीवाल, राजू जैन, रितेश जैन, वीर कुमार जैन, राजेश जैन, नितिन जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन

इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में आठ दिनों से चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान का मंगलवार को धार्मिक उल्लास के साथ समापन हुआ। विधान के अंतिम दिन सवा लाख मंत्रों का जाप किया गया और हवन में आहुति दी गई। यज्ञनायक आयुष जैन ने मुख्य यजमान के रूप में हवन संपन्न कराया। आचार्य सुबल सागर ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि दुष्ट कर्मों के नाश और आत्मकल्याण के लिए प्रभु आराधना आवश्यक है। उन्होंने धर्म, संयम और साधना के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आचार्य सुबल सागर जी का आठ साधुओं के साथ चातुर्मास कलश स्थापना समारोह होगा।

आशियाना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित चातुर्मास कलश स्थापना

आशियाना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित चातुर्मास कलश स्थापना

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें