दोनों आरोपी दरोगा, आरक्षी और उसके निजी वाहन चालक से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वकील मधुकर मिश्रा वारदात का मास्टरमाइंड था। इलेक्ट्राॅनिक सर्विलांस व अन्य तरीकों से तलाश में जुटी पुलिस ने बाराबंकी में उसके मौसा अनिल कुमार पाठक के घर दबिश दी। पता चला कि मधुकर उनके घर पर छिपा था। डकैती के आरोपी को पनाह देने के आरोप में अनिल की पत्नी शोभा और बेटी सलोनी पाठक को गिरफ्तार किया गया।
9 आरोपियों को गिरफ्तार कर 15.77 लाख किए थे बरामद
पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर 15.77 लाख रुपये बरामद किए थे। आरक्षी प्रदीप की पत्नी बीना के पास डकैती के 27 हजार व आनंद का मोबाइल फोन, कानपुर निवासी आरोपी यशराज तिवारी के कब्जे से 24 हजार और पड़ोस से 12.86 लाख रुपये बरामद हुए थे।
उपनिरीक्षक पवन व आशीष और आरक्षी प्रदीप व उसकी कार के चालक आनंद को पुलिस ने 2.40 लाख रुपये के साथ पकड़ा था।