पशुधन विभाग में ठेका दिलाने के नाम पर इंदौर के कारोबारी से ठगी के मामले में पुलिस ने जेल में बंद सभी 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में कारोबारी मंजीत की तरफ से दर्ज मुकदमे की विवेचना गोमतीनगर की एसीपी डॉ. बीनू सिंह कर रही थी।
एसीपी ने बताया कि पशुधन विभाग में 292 करोड़ रुपये का आटा सप्लाई का टेंडर दिलाने के नाम पर इंदौर के कारोबारी मंजीत सिंह भाटिया से ठगी की गई थी। जांच में ठगी की पुष्टि होने के बाद कारोबारी की तरफ से 11 जालसाजों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में ठगी व धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
एसटीएफ ने इनमें से पशुधन राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद के निजी सचिव धीरज कुमार देव, प्रधान सचिव रजनीश दीक्षित, कथित पत्रकार एके राजीव, पत्रकार अनिल राय, रूपक राय, उमाशंकर तिवारी और आशीष राय को पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में आरोपियों के तीन मददगार त्रिपुरेश पांडेय और सचिन व होमगार्ड रघुबीर को भी पकड़ा गया था।