चारबाग रेलवे स्टेशन पर जल्द ही ट्रेनों को आउटर पर खड़ा रखने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। 98 करोड़ की लागत से आउटर को फोरलेन का करने की कवायद शुरू हो गई है। नाप-जोख के साथ फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है।
चारबाग स्टेशन से बाराबंकी, रायबरेली की ओर जाने वाली गाड़ियों को दिलकुशा केबिन आउटर से गुजरना पड़ता है। जबकि दूसरी ओर आलमनगर केबिन है। दिलकुशा और आलमनगर चारबाग के आउटर हैं, जिनसे होकर गाड़ियां चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचती हैं। चारबाग से इन आउटर के लिए अभी डबल लाइन है, जिसे फोरलेन करने का प्रोजेक्ट रेलवे बोर्ड की ओर से तैयार किया गया था।
ताकि गाड़ियों को आउटर पर खड़ा ना करना पड़े। इसके लिए बजट में 98 करोड़ रुपये भी दिए गए। लेकिन आउटर को 4 लेन करने का काम लंबे समय तक अटका रहा। अब उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम संजय त्रिपाठी के नेतृत्व में आउटर को चार लाइन करने का काम तेज कर दिया गया है। आउटर के फोरलेन हो जाने से गाड़ियों की आवाजाही आसान हो जाएगी और यात्रियों को राहत मिलेगी।