श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि खुदाई के दौरान करीब 20 फीट तक कुछ अवशेष प्राप्त हुए हैं। इसके बाद से अच्छी मिट्टी मिलनी शुरू हो गई थी। कहा कि चूंकि रामजन्मभूमि के समतलीकरण के दौरान परिसर स्थित कुछ मंदिरों व भवनों को गिराया गया था। ऐसे में यह माना जा रहा है कि ये उन्हीं के अवशेष हो सकते हैं।
खुदाई के दौरान चरणपादुका, सिलबट्टा, प्राचीन पाषाण व चौखट सहित कुछ खंडित मूर्तियों के अवशेष मिले हैं। कुछ पत्थर ऐसे भी मिले हैं जिन पर नक्काशी की गई है वह मूर्तियों की तरह हैं।
बताया कि इन सभी अवशेषों को सुरक्षित रखा गया है। इन सभी की पुरातात्विक जांच कराई जाएगी। राममंदिर निर्माण के लिए अब तक हुए समतलीकरण एवं खुदाई में मिले अवशेषों को निकट भविष्य में मंदिर बन जाने के बाद परिसर में ही संग्रहालय बनाकर रखा जाएगा।