छांगुर की करीबी नीतू की कोठी बीते दिनों में प्रशासन ने ध्वस्त किया था। ध्वस्तीकरण पर हुए खर्च का ब्यौरा प्रशासन ने तैयार किया है। पूरी ध्वस्तीकरण के बाद अब 08 लाख 55 हजार 398 रूपए का खर्च आना तय किया गया है। खर्च धनराशि नीतू को जमा करना है। 15 दिवस का समय नीतू को दिया गया है कि हर्जाना जमा करना होगा। जमा न करने पर तहसील से वसूली प्रमाण पत्र जारी की जाएगी। तहसील के कर्मियों ने नोटिस को ध्वस्त कोठी की बाउंड्री पर सोमवार को चस्पा कर दी है।
उतरौला तहसील के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से छांगुर के सांठगांठ की बात भी सामने आ चुकी है। एटीएस की एफआईआर में इस बात का जिक्र है। ऐसे में छांगुर के जमीनों के बैनामे और निर्माण के समय के अधिकारियों व कर्मचारियों की छानबीन हो रही है। बताया जा रहा है कि देर सबेर कार्रवाई हो सकती है। एटीएस भी लोगों के भूमिका की पड़ताल कर रही है। बताया जा रहा है कि तहसील में छांगुर के कई सहयोगी थे।