लखनऊ। ठाकुरगंज निवासी महिला को प्रेम जाल में फंसाकर 11 वर्षीय बच्चे का जबरन खतना कराने वाले छांगुर के गिरोह के गिरफ्तार गुर्गे सआदतगंज के नूर बाड़ी निवासी मंजूर हसन सैफी का इरादा पूरे परिवार का धर्मांतरण करने का था। यह आरोप महिला के पति सराफ कारीगर ने लगाया है। एटीएस ने हाल ही में बलरामपुर निवासी छांगुर को धर्मांतरण के मामले में जेल भेजा था।
कारीगर के मुताबिक आरोपी मंजूर हसन उनकी पत्नी को बरगलाने के मकसद से अपने परिवार की महिलाओं को लेकर उनके घर आता था। इतना ही नहीं आरोपी ने छांगुर के साथ ही हजरतगंज निवासी एक मौलाना से भी उनकी पत्नी की मुलाकात कराई थी। कई बार तो मंजूर हसन उनकी अनुपस्थिति में भी मौलाना को घर लेकर आता था।
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मंजूर ने दस लाख रुपये देने की कही थी बात
कारीगर ने बताया कि बच्चे के खतने और प्रेम प्रसंग की जानकारी होने पर जब उन्होंने आरोपी से बात की तो उसने पहले उनसे भी धर्म बदलने की बात कही थी। जब उन्होंने विरोध किया तो उसने धर्मांतरण और मामले को दबाने के बदले दस लाख रुपये देने की बात कही थी। मगर उन्होंने मना कर दिया था।
मामला एक नजर में
ठाकुरगंज निवासी कारीगर ने मंजूर हसन पर पत्नी को प्रेम जाल में फंसाकर 29 अगस्त को अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया था। आरोपी पर उनके बेटे से अश्लीलता करने और शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था। मामले में ठाकुरगंज पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।