हजारों लोगों का अवैध धर्मांतरण कराने वाला जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा बलरामपुर और आसपास के जिलों की डेमोग्राफी बदलना चाहता था, जिसके लिए वह हिंदुओं को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए हर तरह का प्रलोभन देता था। उसका मंसूबा बलरामपुर में इस्लामिक दावा सेंटर और मदरसा बनाने का भी था। वह हिंदू धर्म के प्रति घृणा और वैमनस्यता फैलाकर शरिया कानून स्थापित कर भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहता था। एटीएस ने छांगुर बाबा और उसकी करीबी नीतू उर्फ नसरीन को रिमांड पर लेने के लिए अदालत को यह जानकारी दी है।
राजधानी स्थित एनआईए की विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी ने छांगुर बाबा और नसरीन की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है। एटीएस की ओर से ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी ने अदालत को बताया कि छांगुर बाबा संगठित रूप से हिंदू, गैर-मुस्लिम समुदाय के गरीबों, असहाय मजदूरों, कमजोर वर्ग के लोगों, विधवा महिलाओं को आर्थिक मदद करने, शादी कराने, नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर अवैध तरीके से धर्मांतरण कराता था। कई लोगों का उसने डरा-धमका कर धर्मांतरण कराया है। वह अवैध धर्मांतरण कर मुस्लिम धर्म के लोगों की जनसंख्या बढ़ाकर देश की जनसांख्यिकी को प्रभावित कर रहा था। उसका साथी नवीन रोहरा दुबई में अपना कारोबार छोड़कर बलरामपुर आने के बाद बड़ी संख्या में जमीनों को खरीद रहा था। उसके खाते में विदेश से करोड़ों रुपये आए हैं, जिनमें से अधिकांश उसकी पत्नी नीतू, छांगुर बाबा और महबूब के खातों में ट्रांसफर किए गए है। बताया जा रहा है स्विस बैंक में भी उसका खाता है।
बलरामपुर लेकर जाएगी एटीएस
छांगुर बाबा और नीतू को एटीएस रिमांड के दौरान बलरामपुर लेकर जाएगी, जहां अवैध धर्मांतरण से संबंधित दस्तावेजों को बरामद किया जाना है। साथ ही, उनसे विदेशी संस्थाओं से हो रही फंडिंग के बारे मे भी गहनता से पूछताछ की जाएगी। दोनों के मोबाइल समेत इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस से डाटा भी जुटाया जाएगा, जिसमें अवैध धर्मांतरण से जुड़े अहम सुबूत मिलने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी। बता दें कि इस प्रकरण में एटीएस और एसटीएफ लगातार छांगुर बाबा के करीबियों के ठिकानों पर छापे मार रही है।