यूपी बोर्ड के इंटर कॉमर्स वर्ग के पाठ्यक्रम के स्वरूप में बदलाव कर दिया गया है। अब कक्षा 11 में कॉमर्स के छात्र हिंदी नहीं, केवल सामान्य हिंदी ही पढ़ेंगे। वहीं, अधिकोषण तत्व, व्यापारिक संगठन, पत्र व्यवहार, बीमा सिद्धांत, बहीखाता जैसे विषय हटा दिए गए हैं। यह बदलाव इसी सत्र से लागू कर दिया गया है।
अगले सत्र में यही बदलाव कक्षा 12 में भी कर दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। विषयों की संख्या उतनी ही रहेगी। काफी हद तक पाठ्यक्रम कम किया गया है। पहले की तरह अनिवार्य विषय तीन ही हैं। पहले कॉमर्स के छात्र हिंदी या सामान्य हिंदी में से कोई एक विषय पढ़ते थे। अब केवल सामान्य हिंदी ही पढ़ेंगे।
वहीं, बहीखाता एवं लेखाशास्त्र की जगह लेखाशास्त्र और व्यापारिक संगठन एवं पत्र व्यवहार की जगह व्यवसाय संगठन विषय पढ़ेंगे। पहले की ही तरह दो ही ऐच्छिक विषय ले सकते हैं। हालांकि विकल्प कम कर दिए गए हैं। अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, गणित व कंप्यूटर में से दो विषय ले सकते हैं। पहले अर्थशास्त्र व वाणिज्य भूगोल, अधिकोषण तत्व, औद्योगिक भूगोल, गणित व प्रारंभिक सांख्यिकी, कंप्यूटर, बीमा सिद्धांत एवं व्यवहार और मानविकी वर्ग के विषयों में से किसी एक विषय का विकल्प था।
पाठ्यक्रम से पुराना एक्ट हटाया: सीआईएससीई ने कक्षा 12 के कॉमर्स में मार्केटिंग टॉपिक में द कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट-1986 के स्थान पर द कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 को शामिल किया गया है।