स्वाट टीम ने पूरे मामले की जानकारी अपने एसपी हेमंत कुटियाल को दी। कुटियाल के थाने पहुंचने से पहले ही इंस्पेक्टर अनूप वहां से निकल गए।
एसपी ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी और रामनगर में तैनात दोनों सिपाही वैभव और सोनू के अलावा पुलिस लाइन में तैनात अजीत को गिरफ्तार कर लिया।
पशु लदे ट्रक पार कराता था रामनगर का सिपाही
चंदौली के इलिया थाना क्षेत्र में 6 सितंबर को हल्की मुठभेड़ के बाद दो पशु तस्कर शहंशाह और मोहम्मद अरशद को गिरफ्तार किया गया। शहंशाह ने बताया कि रामनगर थाने में तैनात सिपाही राहुल मिश्रा पशु लदे ट्रक को वाराणसी से पार कराते थे। इसके लिए प्रति चक्कर 4 हजार रुपये दिए जाते थे।
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में 9 सितंबर को पकड़े गए शराब तस्करों संदीप सिंह व दीपक को छुड़ाने की पैरवी करने वाले पुलिस लाइन में तैनात अजीत यादव को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल खंगाला तो भ्रष्टाचार की परतें भी सामने आ गईं। सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार किए गए अजीत का जब पुलिस ने मोबाइल खंगाला तो उसमें कुछ व्हाट्स एप चैट मिली।
इसमें 7 सितंबर को रामनगर थाने में पकड़ी गई 1000 पेटी शराब का जिक्र था। इसमें 250 पेटी दिखाने और 750 पेटी शराब गायब करने की बात की जा रही थी। जांच की गई तो पाया गया कि 7 सितंबर को पुलिस ने लिखा पढ़ी में 255 पेटी शराब पकड़ी थी। यानी 745 पेटी शराब राम नगर पुलिस की मदद से गायब कर दी गई। अजीत पूर्व में रामनगर थाने में तैनात रहा है।
पशु तस्करों की भी मदद करती थी रामनगर पुलिस: चंदौली के इलिया थाने पर 6 सितंबर को हल्की मुठभेड़ के बाद दो पशु तस्कर शहंशाह और मोहम्मद अरशद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में शहंशाह ने बताया कि वह जौनपुर से पशुओं को लेकर बिहार तक जाता है। इसमें उनकी मदद रामनगर थाने में तैनात सिपाही राहुल मिश्रा करता है। उसे प्रति चक्कर चार हजार रुपये दिए जाते हैं। राहुल मिश्रा की जिम्मेदारी पशु लदे ट्रक को पूरे वाराणसी जनपद को पार कराने की थी। राहुल ने अपने काम को अंजाम भी दिया, लेकिन चंदौली में उसकी न उसकी चली और न ही पशु तस्करों की।
इस तरह के मामलों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश है कि पशु तस्करी और शराब तस्करी के मामलों में जीरो टालरेंस की नीति अपनाकर कार्रवाई की जाए। पूर्व में कुशीनगर में पुलिस की गाड़ी से शराब तस्करी की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री ने काफी नाराजगी जाहिर की थी और बाद में एसपी को अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ा था।