एक अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत कई चुनौतियां लेकर आ रही हैं। महंगाई की मार झेलने के लिए तैयार रहें। केंद्रीय बजट में लगाए गए विभिन्न टैक्स और शुल्क वृद्धि की वजह से इंश्योरेंस से लेकर कार और रोजमर्रा की विभिन्न चीजों के दाम बढ़ जाएंगे। कौन से होंगे ये सेक्टर, कहां और कितनी बढ़त होगी। आम नागरिकों पर इनका क्या असर हो सकता है? वित्त विशेषज्ञों के हवाले से अमर उजाला की रिपोर्ट...
बढ़ जाएंगे कारों को दाम
बजट में कारों की विभिन्न श्रेणियों पर एक से चार प्रतिशत तक सेस लगाने की घोषणा की गई थी। एक अप्रैल से इसे वसूला जाएगा। हालांकि अधिकतर कार कंपनियां अपने विभिन्न मॉडलों में 4 से 25 हजार रुपये तक की वृद्धि कर चुकी हैं। एक अप्रैल से बाकी कंपनियां भी दाम बढ़ाना शुरू कर देंगी। छोटी कारों पर एक प्रतिशत इंफ्रा सेस लगेगा, तो डीजल कारों में प्रदूषण की रोकथाम के लिए ढाई प्रतिशत सैस लगाया जा रहा है। बड़ी कारों पर यह सेस चार प्रतिशत तक है।
सॉफ्ट ड्रिंक 3 से 5 रुपये तक महंगी
सॉफ्ट ड्रिंक्स पर 18 से 21 प्रतिशत ड्यूटी भी एक अप्रैल से लागू होने जा रही है। हालांकि इसके लिए कंपनियों ने अभी घोषणा नहीं की है कि उनके उत्पाद में कितनी बढ़त होगी, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में 300 एमएल की कोल्ड ड्रिंक्स पर 3 से 5 रुपये बढ़ सकते हैं। दूसरी ओर मिनरल वॉटर पर भी इतनी ही वृद्धि हो सकती है। खास बात है कि पार्टी साइज ड्रिंक्स में मात्रा के अनुसार यह वृद्धि होगी जो अधिकतम 20 रुपये तक जा सकती है।
ब्रांडेड कपड़े खरीदने पर कटेगी जेब
दो से पांच प्रतिशत तक एक्साइज ड्यूटी भी रेडिमेड कपड़ों पर लगाई जाने वाली है। एक हजार रुपये से अधिक मूल्य के कपड़ों पर यह लागू होगी। आज ब्रांडेड कपड़ों के दाम भी आमतौर पर इतने ही होते हैं, ऐसे में इन कपड़ों के दाम कंपनियों द्वारा 20 से 100 रुपये तक बढ़ाए जा सकते हैं।
बढ़ेगा बिजली महंगी करने का दबाव
बजट के प्रावधानों के अनुसार कोयल पर एक अप्रैल से एन्वॉयरनमेंट सेस लगेगा। इससे प्रति टन कोयला निकालने पर 400 रुपये सेस लिया जाएगा, जो अभी 200 रुपये है। इसका सबसे बड़ा असर प्रदेश में बिजली उत्पादन के खर्च पर पड़ेगा। खर्च बढ़ने से बिजली महंगी करने का दबाव बढ़ेगा।