सीवर का काम जलकल के बजाय निजी कंपनी शुएज इंडिया के पास है और मार्ग प्रकाश व्यवस्था ईईएसएल कंपनी देखती है। जब से इन कंपनियों के पास काम है, तब से समस्याएं बढ़ी हैं। इसे लेकर नगर निगम सदन में कई बार हंगामा हो चुका है। कपंनियों को हटाने को लेकर भी प्रस्ताव पास हो चुका है, मगर हटाया नहीं जा सका। वहीं शहर के आधे से ज्यादा इलाकों में सीवर लाइन ही नहीं है। वहीं पेयजल संकट दूर करने के दो नए जलकल बनाए जाने हैं, उन पर काम नहीं हो रहा है। जरूरत भर का पानी भी सिंचाई विभाग से नहीं मिलता है। ऐसे में साल में कई बार पेयजल की किल्लत होती है।
इन पर करना होगा काम :
- अतिक्रमण शहर की बड़ी समस्या, जिसे नगर निगम दूर नहीं कर पा रहा है।
- नगर निगम की जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं।
- स्मार्ट सिटी योजना में जो काम हो रहे हैं, उसका पूरा लाभ अभी शहर को नहीं मिल रहा।
- गृहकर निर्धारण में आए दिन गड़बड़ियां सामने आती हैं।
- सड़क निर्माण को लेकर अक्सर शिकायतें आती हैं कि निर्माण गुणवत्तापरक नहीं है।
- म्यूनिसिपल बांड के पैसे से बनाए गए अहाना ग्रींस के फ्लैट बिक नहीं रहे हैं।
- कार्यदायी संस्थाओं से कर्मचारी लगाने में बड़े पैमान पर फर्जीवाड़ा होता है।
- नगर निगम की गाड़ियों से तेल चोरी के मामले लगातार सामने आते हैं।