ऐशबाग के रामलीला मैदान में चल रहे चैती महोत्सव में शुक्रवार शाम लोकगीतों संग भगवद भक्ति के रंग बरसे।
लोकगीतों के बीच यहां कलाकारों ने नाटिका मां का दिल का भी मंचन किया। शुरुआत कामिनी मिश्रा और यामिनी पांडेय ने गणेश वंदना और लोकगीतों पर प्रस्तुति से की।
नगर की बाल कलाकार विभू बाजपेई ने भगवान कृष्ण पर आधारित विभिन्न नृत्य प्रस्तुतियों से रंग जमाया।
भगवान कृष्ण का वर्णन करता कस्तूरी तिलकम.. पर नृत्य के बाद विभू ने कृष्ण कथा को नृत्य में उतारा।
कृष्ण जन्म, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन पर्वत कथा, कृष्ण का मथुरा प्रस्थान करती हम कृष्ण कथा अमृत का रसपान करने आये से तालियां पाई।
नमो भगवते वासुदेवाय नम: पर कृष्ण की विभिन्न स्वरूपों का बखान किया। नृत्य नाटिका देवी वंदना करती जय अंबे जगदंबे माता तेरे दम से है दुनिया..,शिव वंदना मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा शिव के सिवा नहीं कोई दूजा..के बाद कलाकारों ने महिषासुर वध का मंचन किया।
इसके बाद यहां कलाकारों ने नाटक ‘मां का दिल’ का मंचन किया। जहां माता पिता के प्रति बच्चों की उदासीनता दिखाते नाटक का मंचन किया। जिसमें बेटा प्रेमिका के कहने पर मां का कलेजा मांग कर ले आता है।