महिला आयोग की अध्यक्ष ने महिला थाने का निरीक्षण किया
- फोटो : amar ujala
महिला थाने आकर पीड़िताओं का दर्द कम होने के बजाय बढ़ जाता है। मदद और न्याय की आस लिए आने वाली महिलाओं को यहां झेलनी पड़ती है पुलिस कर्मियों की बदसलूकी। अक्सर उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें भगा दिया जाता है।
ये सच उस वक्त सामने आया, जब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बृहस्पतिवार को लखनऊ में महिला थाने का निरीक्षण करने पहुंचीं। कई पीड़िताओं ने उन्हें पुलिस के दुर्व्यवहार की कहानी सुनाई। आयोग अध्यक्ष ने पुलिस को पीड़ितों से व्यवहार सुधारने की नसीहत दी। हालांकि विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निरीक्षण में उन्हें कुछ खास कमियां नहीं मिलीं।
आरोपी सिपाही को गिरफ्तार करें, ताकि व दूसरी शादी न कर सके
महिला आयोग अध्यक्ष बृहस्पतिवार दोपहर महिला थाने पहुंचीं। उनके पहुंचने के कुछ ही देर में एक युवती वहां पहुंची। उसने पुलिस कर्मियों पर बदसलूकी का आरोप लगाया। कहा कि रिश्वत लेकर दुष्कर्म के आरोपी को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने पीड़िता को प्रभारी निरीक्षण के कमरे में बुलाया और पूछताछ की।
अध्यक्ष के मुताबिक, पीड़िता ने सिपाही पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद सिपाही ने कोर्ट में उससे शादी कर ली और महिला थाने जाकर समझौता कर लिया। कुछ दिन बाद युवती ने फिर हजरतगंज थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। युवती के केस के संबंध में इंस्पेक्टर हजरतगंज और विवेचक को बुलाकर पूछताछ की गई है। इंस्पेक्टर को साफ निर्देश दिया गया है कि आरोपी को गिरफ्तार करें। ताकि वह दूसरी शादी न कर सकें।
हर तरफ गंदगी, बैठने का इंतजाम तक नहीं
महिला आयोग की अध्यक्ष ने थाने का निरीक्षण किया
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चारों तरफ गंदगी, जर्जर भवन, दीवारों में सीलन और बैठने तक का इंतजाम न होना। ये है महिला थाने की तस्वीर। आयोग अध्यक्ष ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग को इसके लिए पत्र लिखा जाएगा, ताकि सुविधाओं का विस्तार किया जा सके। अध्यक्ष को बताया कि थाने में करीब 60 कर्मचारी तैनात है, लेकिन उनके बैठने के लिए महज तीन कमरे हैं। ज्यादातर पुलिसकर्मी टीनशेड के नीचे बैठते हैं।
आयोग अध्यक्ष ने थाने में मौजूद कुछ पीड़िताओं से बातचीत की। एक महिला ने कहा कि उसका 12 साल का बेटा है। इसके बाद भी पति ने छोड़ दिया। कई दिनों से थाने में आ रही हूं। पुलिस पति को फोन कर बुला रही है। वह लगातार टरका रहा है। इस पर आयोग अध्यक्ष ने पुलिस कर्मियों को हिदायत दी कि सिर्फ मोबाइल पर ही न बुलाएं।
शिकायत मिलते ही आरोपी को नोटिस जारी करें। जरूरत पड़ने पर पुलिस टीम भेजें।पीड़िताओं को न्याय दिलाने में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं होगी। वहीं एक पीड़िता ने बताया कि उसका पति तीसरी शादी करने जा रहा है। थाने में कई दिनों से चक्कर लगा रहीं हूं। सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर अध्यक्ष ने प्रभारी निरीक्षक शारदा चौधरी को पुलिस टीम भेजकर आरोपी को पकड़वाने का निर्देश दिया।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला : काफी कुछ सुधार हुआ
महिला आयोग की अध्यक्ष ने महिला थाने का निरीक्षण किया
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आयोग अध्यक्ष ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। जांच में देरी के बाबत जब अध्यक्ष ने कहा तो अफसरों ने बताया कि प्रयोगशाला में कर्मचारियों की संख्या काफी कम है। मशीनें भी पुरानी हैं, जिनकी रफ्तार काफी कम है। सरकार ने हाईटेक मशीन खरीदी है, जिसे लगने में पांच महीने लगेंगे।
अध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोगों ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला में दबाव डालकर रिपोर्ट बदलवाने का अरोप लगाया था। जांच में इस शिकायत का कोई आधार नहीं मिला। रिपोर्ट बदलवाना आसान नहीं है। अध्यक्ष ने बताया कि प्रयोगशाला के दस्तावेज में 2017 के पहले की कोई भी जांच रिपोर्ट लंबित नहीं है।
ये भी दिए निर्देश
- आयोग अध्यक्ष ने कहा कि पीड़िताओं की गोपनियता बरकरार रखें और उनसे खुले में बातचीत न करें। महिला थाना प्रभारी से कहा कि इसके लिए एक कमरे का इंतजाम कराएं।
- पीड़िताओं को उनके केस की प्रगति की जानकारी दें। इसके लिए थाने के गेट के पास सूची लगाएं, इसमें महिला उत्पीड़न से जुड़ीं धारा, सजा का जिक्र हो। साथ ही कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया दर्ज होनी चाहिए।