यूपी में औषधीय पौधों की खेती को
बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार किसानों को साढ़े आठ करोड़ रुपये बतौर
अनुदान देगी। इससे करीब 18 हजार किसान लाभान्वित होंगे।
यह मदद राष्ट्रीय
औषधि पौध मिशन के तहत दी जाएगी। उद्यान एवं
खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने कुछ समय पहले केंद्र सरकार को राष्ट्रीय औषधीय
पौध मिशन की कार्ययोजना भेजी थी।
इसमें 7430 हेक्टेयर जमीन में औषधीय खेती
के लिए अनुदान देने की मांग की गई थी। इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने
सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय
औषधीय मिशन में अनुदान क्लस्टर के लिए दिया जाता है।
एक क्लस्टर में कम से
कम दो हेक्टेयर जमीन और पांच किसान शामिल होने चाहिए। इसमें लागत का 50
फीसदी तक हिस्सा किसानों को बतौर अनुदान दिया जाता है।
झाड़ी और लता वाली
फसलों पर पहले साल 75 फीसदी और दूसरे साल में 25 फीसदी अनुदान मिलता है।
पेड़ और वुडीक्लाइम्बर वाली फसलों के लिए अनुदान तीन वर्ष में दिया जाएगा।
पहले साल अनुदान की 65 प्रतिशत राशि, दूसरे साल 20 प्रतिशत और तीसरे साल
में 15 प्रतिशत राशि दी जाएगी। संयुक्त निदेशक नंद लाल मणि त्रिपाठी ने
बताया कि प्रोजेक्ट की सैद्धांतिक स्वीकृति का पत्र उद्यान विभाग को मिल
गया है।
जल्द ही प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति भी मिल जाएगी। उन्होंने
बताया कि इच्छुक किसान जिला उद्यान अधिकारी के दफ्तर में आवेदन दे सकते
हैं, ताकि समय रहते उन्हें योजना का लाभ मिल सके।
यहां के किसान कर सकते हैं आवेदन
फैजाबाद, अम्बेडकरनगर, बाराबंकी, सीतापुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ,
बुलंदशहर, अलीगढ़, महामाया नगर, एटा, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, बिजनौर,
मुरादाबाद, मथुरा, आगरा, कानपुर देहात, इटावा, कन्नौज, झांसी, ललितपुर,
जालौन, महोबा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली,
जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, लखनऊ, हरदोई,
आजमगढ़, बस्ती, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज।