लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना मंगलवार को एक कदम और आगे बढ़ गई है। यूपी
कैबिनेट से अप्रूव की गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में फाइनेंशियल रेट ऑफ
रिटर्न 4 फीसदी से बढ़ा कर 8.29 फीसदी कर दिया गया है।
इसके साथ ही केंद्र
में पहली कॉपी रिसीव करा दी गई है। नार्थ-साउथ कॉरिडोर के तौर पर 23
किलोमीटर लंबे रूट की इस परियोजना में साढ़े छह हजार करोड़ रुपए से भी अधिक
का खर्च आएगा।
मेट्रो के लिए यूपी
कैबिनेट ने डीपीआर में उल्लेखित किए गए 6757 करोड़ रुपए के खर्च की अनुमति
दे दी थी।
इसमें केंद्र सरकार से भी मदद ली जाएगी। पीक ऑवर पीक डायरेक्शन
ट्रैफिक (पीएचपीडीटी) के अनुसार वर्ष 2020 में प्रतिदिन करीब 6.45 लाख
यात्री मेट्रो की सवारी करेंगे।
एक गाड़ी
की क्षमता 1574 यात्रियों की होगी। शुरुआत में 7 से 14 मिनट के अंतराल पर
गाड़ी मिलेगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ यह अंतर 2 से 4
मिनट का हो जाएगा।
सुबह 5:00 से रात 12:00 बजे के बीच गाड़ी मिलती
रहेगी। डीपीआर के मुताबिक दिसंबर 2013 में मेट्रो का काम शुरू कर दिया
जाएगा। जबकि दिसंबर 2016 में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का काम खत्म होगा।