केंद्रीय बजट में लखनऊ मेट्रो के लिए 410 करोड़ के प्रावधान के साथ ही इस परियोजना के लिए धन की कमी नहीं रहेगी। हालांकि इसके लिए प्रदेश सरकार को इस परियोजना पर होने वाले खर्च में हिस्सेदारी को लेकर केंद्र के साथ ‘मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैडिंग’ (एमओयू) पर हस्ताक्षर करना होगा।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने एमओयू का प्रारूप तैयार कर अनुमोदन के लिए मुख्यमंत्री के पास भेज दिया है। एमओयू पर इसी महीने हस्ताक्षर होने की संभावना है।
दरअसल लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना पर होने वाले खर्च में राज्य व केन्द्र को 50-50 प्रतिशत धन देना है। लेकिन दोनों सरकारों के बीच अभी तक एमओयू पर हस्ताक्षर नहीं हुए थे।