लखनऊ में अकेले एलडीए को ही करीब 12,000 घर प्रधानमंत्री आवास योजना में बनाने हैं। वहीं, आवास विकास परिषद का भी राजधानी में करीब 10,000 आवास इस योजना में बनाने का लक्ष्य है।
करीब 8000 घर निजी क्षेत्र में इस लाभ को पाने के लिए शर्त पूरी करने वाले बनाए जाने हैं। इनमें से 5000 यूनिट के लिए पंजीकरण आवास विकास परिषद खोल चुकी है। एलडीए भी जल्द 2500 यूनिट के पंजीकरण खोलेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के सीएलएसएस में मकान की कीमत 4.50 लाख रुपये है। इसमें से 2.5 लाख विकासकर्ता को सरकार से सब्सिडी मिलनी है। कुल कीमत पर 12 प्रतिशत जीएसटी की दर से टैक्स लिए जाने पर करीब 54,000 रुपये अलग से देने पड़ते। लेकिन अब नेट दर आठ प्रतिशत होने से केवल 36,000 रुपये टैक्स देना होगा। इससे करीब 18,000 रुपये का आर्थिक बोझ हर परिवार का कम हो जाएगा।
एक तरफ प्रधानमंत्री आवास योजना में फ्लैट या मकान खरीदने वालों को जीएसटी में राहत दी गई है, वहीं जीएसटी से पहले सर्विस टैक्स के दायरे से बाहर बने हुए ईडब्ल्यूएस, एलआईजी आय वर्ग के मकान, फ्लैटों पर सीधे 12 प्रतिशत टैक्स लगा दिया गया। दूसरी योजनाओं में बनने वाले इन आवासीय यूनिट पर शून्य से सीधे 12 प्रतिशत टैक्स लगने से दो से ढाई लाख रुपये तक का बोझ बढ़ गया है। इससे अभी तक केंद्र सरकार से राहत नहीं मिल सकी है। एलडीए के सीजी सिटी में बन रहे फ्लैटों पर जीएसटी लगने से कीमतें एक लाख से ढाई लाख रुपये तक अतिरिक्त कीमतें बढ़ गई हैं। यहां पूर्व में कोई सर्विस टैक्स देय नहीं था।