विलुप्तप्राय डॉल्फिन की गणना शुरू
- फोटो : PIB
उत्तर प्रदेश के बिजनौर से विलुप्तप्राय डॉल्फिन की गणना शनिवार से शुरू की गई। इससे एक दिन पहले रीजनल ट्रेनिंग वर्कशॉप हुई। इसमें 13 जिलों का फॉरेस्ट स्टाफ शामिल हुआ। जैसे-जैसे सर्वे आगे बढ़ेगा, स्टैंडर्ड फ़ील्ड कैपेसिटी पक्का करने के लिए टीम हर 10-15 जिलों में रुकेगी। साथ ही ट्रेनिंग दी जाएगी।
सर्वे तीन नावों में 26 रिसर्चर्स के साथ किया जा रहा है। इसमें इकोलॉजिकल और हैबिटैट पैरामीटर्स को रिकॉर्ड किया गया। पानी के अंदर अकूस्टिक मॉनिटरिंग के लिए हाइड्रोफ़ोन जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले फेज में सर्वे बिजनौर से गंगा सागर और सिंधु नदी तक होगा। दूसरे फेज में यह ब्रह्मपुत्र, गंगा की सहायक नदियों, सुंदरबन और ओडिशा को कवर करेगा।
बताते चलें कि देश भर में वर्ष 2021-23 में हुए सर्वे में करीब 6,327 डॉल्फिन दर्ज की गई थीं। इसमें गंगा, यमुना, चंबल, गंडक, घाघरा, कोसी, महानंदा और ब्रह्मपुत्र नदियां शामिल हैं।