अरसे बाद शहरवासी 7 सितंबर को एक अदभुत संयोग से रूबरू होंगे। इस दिन एक तरफ नगर के तमाम पूजा पंडालों में विराजे बप्पा गाजे-बाजे के साथ विदा लेंगे तो दूसरी ओर राजा महाबली अपनी प्रजा का हाल लेने के लिए पाताल से धरती पर आएंगे।
शहर का माहौल ओणम् की छटा लिए गणपतिमय नजर आएगा, जो किसी अद्भुत संयोग से कम नहीं होगा।
गणपति पूजा पंडाल समितियां जहां बप्पा की प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों में जुटे हैं तो दूसरी ओर केरला समाज के लोग राजा महाबली के स्वागत के लिए आतुर हैं।
चिंगम महीने में पाताल से धरती पर आने वाले राजा महाबली के स्वागत का पर्व ‘ओणम्’ रविवार को मलयालम समाज के लोग धूमधाम से मनाएंगे।
महिलाएं और पुरुष अपने प्रिय राजा के स्वागत के लिए घरों में रंग-बिरंगी रंगोली सजाएंगे और पारंपरिक परिधानों में सजधज कर केरला संस्कृति की छटा बिखेरेंगे। घरों में केरला के प्रमुख व्यंजन बनेंगे।
21 को सामूहिक मनाएंगे ओणम्
लखनऊ। लखनऊ केरला समाज 21 सितंबर को गोमतीनगर स्थित सीएमएस ऑडिटोरियम में धूमधाम से ओणम् महोत्सव मनाएगा। समाज के पदाधिकारियों के मुताबिक चूंकि ओणम् के दिन हर परिवार अपने घर में सेलिब्रेट करता है, इसलिए आयोजन बाद में किया जाता है।
आयोजकों के मुताबिक समाज के महिला-पुरुष परंपरागत परिधानों में सुबह से जुटेंगे। दोपहर बाद तक चलने वाले कार्यक्रम में तमाम रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रंगोली की सजावटों के बीच समाज के लोग एक-दूसरे को महापर्व की बधाइयां देंगे।
मुख्य आकर्षण हर बार की तरह अपनी प्रजा को आशीर्वाद देने आने वाले राजा बली की सवारी रहेगी। दोपहर के सामूहिक भोज में पारंपरिक पकवानों का लुत्फ लिया जाएगा।
7 को विदा होंगे मनौतियों के राजा
नगर के मुख्य पंडाल आईटी चौराहे के पास रामाधीन कॉलेज मैदान में पूजा पंडाल में विराजे मनौतियों के राजा रविवार सुबह गाजे-बाजे के साथ विदा होंगे। बप्पा की शोभायात्रा रामकृष्ण मठ, शंकरनगर, नजीरगंज, डालीगंज होते हुए अग्रसेन घाट तक पहुंचेगी।
यहियागंज में विराजे बप्पा समेत अन्य पूजा पंडालों में भी भक्त बप्पा को विदा करेंगे। दोनों ही शोभायात्राएं गाजे-बाजे से निकलेंगी। महाराष्ट्र समाज के बप्पा 8 सितंबर को विदा होंगे।