उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर अपनी 9600 बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाएगा।
परिवहन निगम ने इसके लिए निर्भया फंड से 30 करोड़ रुपये मांगे हैं। निगम ने पिछले पखवाड़े केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय को इसका प्रस्ताव भेजा है।
प्रस्ताव में कहा गया कि बसों में सीसीटीवी कैमरे के साथ ही डिजीटल वीडियो रिकॉर्डिंग (डीवीआर) सिस्टम लगाया जाएगा।
यात्रा के दौरान बस में छेड़छाड़ होने पर महिला के स्विच दबाते ही परिवहन निगम के कंट्रोल रूम में इसकी सूचना पहुंच जाएगी।
इससे कंट्रोल रूम के साथ ही पुलिस और वीमन पावरलाइन के कर्मचारी अलर्ट हो जाएंगे और छेड़छाड़ करने वाले को दबोचा जा सकेगा।
रोडवेज की बसें पहले ही जीपीएस से लैस होने के साथ ही ट्रैकिंग सिस्टम से जुड़ चुकी हैं। ऐसे में निगम को सिर्फ बस में सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत होगी।
कमेटी को सौंपा प्रस्ताव
परिवहन मंत्रालय की अप्रूवल कम सैंक्शन कमेटी ‘दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम’ को परिवहन निगम का प्रस्ताव सौंपा गया है।
यह कमेटी प्रस्ताव का अध्ययन करेगी और इससे सहमत होने पर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट मांगेगी।
इस पर परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार मेश्राम का कहना है कि परिवहन निगम ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए निर्भया फंड से 30 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है।
रकम मिलने पर बसों में डीवीआर सिस्टम डवलप करने के साथ ही कंट्रोल रूम में महिला कर्मियों की तैनाती की जाएगी।