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कृष्णानंद राज की हत्या से जुड़े मुन्ना बजरंगी की मौत के तार, सीबीआई गवाह बनने की थी आशंका

Fri, 13 Jul 2018 10:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी - फोटो : file photo
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बागपत जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या की जिम्मेदारी सुनील राठी ने भले ही अपने सिर ली है लेकिन, जांच में जुटी पुलिस एक अहम आशंका को लेकर परेशान है। कहीं ऐसा तो नहीं कि विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में बजरंगी के सीबीआई के सरकारी गवाह बनने की शंका में उसकी जान चली गई हो। हालांकि पुलिस ने जांच में अधिकृत तौर पर इस बिंदु को शामिल नहीं किया है।

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बता दें कि गाजीपुर के मोहम्मदाबाद क्षेत्र से भाजपा विधायक रहे कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में दबंग विधायक मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी समेत कई अन्य लोग आरोपी हैं। इस हत्याकांड में बजरंगी मुख्य आरोपी है, जबकि मुख्तार को साजिशकर्ता बताया गया है। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड की जांच रिपोर्ट सीबीआई जल्द ही कोर्ट को सौंपने की तैयारी कर रही है। उधर, कोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई अंतिम चरण में हैं।
 
पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सीबीआई मुन्ना बजरंगी को सरकारी गवाह बनाने का प्रयास कर रही थी। बजरंगी भी इस पेशकश को स्वीकार करने के लिए हामी भी भर चुका था। सूत्रों का कहना है इसकी भनक इस केस में फंसे अन्य आरोपियों को लग गई थी।

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बजरंगी-मुख्तार के बीच अनबन की भी चर्चा

- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों की मानें तो मुख्तार के खास शूटरों में शामिल रहे मुन्ना बजरंगी और मुख्तार में अनबन तब शुरू हुई थी जब मुख्तार व उनके बड़े भाई अफजाल अंसारी ने दबंग डीपी यादव की पत्नी को गाजीपुर से चुनाव लड़ाया था। बजरंगी मुख्तार के इस फैसले से खुश नहीं था, क्योंकि डीपी यादव के भाई व एक रिश्तेदार की हत्या में वह मुख्य आरोपी था। सूत्र बताते हैं वर्चस्व को लेकर अति महत्वाकांक्षी मुन्ना के गुर्गे मुख्तार के घर यानि गाजीपुर तक ठेकेदारी में दखल देने लगे थे। पिछले दिनों रोडवेज की बिल्डिंग बनाने का ठेका मुन्ना गिरोह ने हथिया लिया था, इसको लेकर भी तनातनी की बात सामने आई है।
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