यादव सिंह से गठजोड़ कर करोड़ों के भूखंड सस्ते में हासिल करने वालों को अब सीबीआई के सवालों का जवाब देना होगा। उन्हें बताना होगा कि जमीन हासिल करने के इस खेल में उन्होंने कितनी ऊपरी रकम दी और कितना मुनाफा कमाया।
सीबीआई यह कवायद इसलिए कर रही है, जिससे तय हो सके कि यादव सिंह ने अपने कार्यकाल में कुल कितनी काली कमाई की।
इस कवायद में सीबीआई ने पिछले दो दिनों नोएडा प्राधिकरण के आला अफसरों से आवंटित भूखंडों का ब्यौरा जुटाया।
इसके तहत सीबीआई ने प्राधिकरण प्रशासन से संबंधित प्लाटों के मूल दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। इनका अध्ययन सीबीआई की एसी-टू शाखा कर रही है।