सीबीआई टीम ने शनिवार को जिला कारागार पहुंच कर उन्नाव कांड में फंसे भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से करीब छह घंटे तक जेल में पूछताछ की। सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम दोपहर करीब 01:55 बजे एक प्राइवेट गाड़ी से जेल पहुंची। गेट पर वाहन रोक कर टीम के सदस्य बिना देरी किए कारागार के अंदर दाखिल हुए। यहां पहुंच कर टीम ने सीधे विधायक के पास पहुंच कर अपनी जांच प्रक्रिया शुरू की।
सूत्र बताते हैं कि टीम ने उनसे रेप पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे के बारे में विधिवत सवाल-जवाब किए। साथ ही कुछ अन्य पहलुओं पर जांच की। विधायक से अकेले में टीम कई तरह की जानकारियां हासिल कीं। सीबीआई टीम के पहुंचने के करीब 35 मिनट बाद जेल अधीक्षक डीसी मिश्रा भी अपने आवास से जेल पहुंचे। अन्य जेल अधिकारी वहां पहले से मौजूद थे।
सूत्रों का दावा है कि सीबीआई ने इस प्रकरण से जुड़े हर पहलू पर गौर किया। जेल अधीक्षक व अन्य अधिकारियों से भी कुछ सवाल जवाब किए। टीम ने जेल अधिकारियों से कई अहम दस्तावेज भी तलब किए। जेल के सीसीटीवी सिस्टम को भी सीबीआई ने अपने जांच के दायरे में लिया है। विधायक से मुलाकात करने वालों की सूचना भी तलब की गई है। सीबीआई की टीम रविवार को भी विधायक से पूछताछ कर सकती है।
सूत्रों का दावा है कि सीसीटीवी को चलवा कर देखा गया। दो कैमरे बंद मिले। इनको चालू करा कर देखा गया। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों के एक टेक्निकल जानकार को बाकायदा जेल के बाहर से बुलाया गया। उनकी खामियों के बारे में पूछा गया। हालांकि इस टेक्निकल स्टाफ ने बाहर निकलने पर कुछ भी बताने से मना कर दिया। उसके बाद फोन कॉल व सीसीटीवी सिस्टम के कुछ और जानकारों को भी बुलाया गया था।
जब तक सीबीआई टीम जेल में रही, तब तक जेल में सन्नाटा छाया रहा। सीबीआई टीम रविवार को भी पूछताछ करने आ सकती है। जेल अधीक्षक डीसी मिश्रा ने बताया कि सीबीआई टीम जिस तरह से जांच करती है। उसी तरह से जांच हुई है। सीसीटीवी कैमरे बंद होने सवाल पर बोले, ऐसा नहीं है।
सीबीआई के पहुंचते ही भागे उन्नाव के लोग
सूत्र बताते हैं कि एक लग्जरी वाहन से उन्नाव के कुछ लोग जेल गेट पर पहुंचे थे। वह शायद जेल में बंद विधायक से मिलने की जुगत में लगे थे, लेकिन इसी बीच सीबीआई के लोग एक निजी गाड़ी से पहुंच गये। जैसी ही सीबीआई टीम पहुंचने की भनक लगी, वैसे ही उन्नाव से आए लोग अपने वाहन से भाग निकले।
जेल के बाहरी गेटों में जड़ा था ताला
जब से उन्नाव दुष्कर्म कांड का मामला पुन: सुर्खियों में आया है, तबसे जेल प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। जेल प्रशासन फूंक कर कदम रख रहा है। जेल के बाहरी गेट पर लगे पुलिस कर्मी हरवक्त चौकन्ना नजर आता है। कई दिनों से यहां सीबीआई टीम आने की चर्चाएं थीं। इस दौरान कोई अन्य व्यक्ति व वाहन जेल परिसर के अंदर न आए, इसको लेकर जेल प्रशासन ने बाहरी गेटों में ताला लगवा दिया था। शनिवार को जब सीबीआई टीम आई तो उसमे ताला जड़ा था। सीबीआई टीम ने जब परिचय दिया तब आनन फानन में ताला खोला गया।
जेल से जुड़े लोग अंदर जाने की नहीं जुटा पा रहे थे हिम्मत
जेल की व्यवस्थाओं जैसे अनाज आपूर्ति व अन्य जरूरते पूरी करने वाले लोग भी आज जेल के बाहर ही दुबके नजर आए। कुछ लोग तो ताकझांक में लगे रहे तो कुछ घंटों जेल के बाहर सीबीआई टीम की आहट लेते रहे। जेल के अंदर अच्छी पहुंच रखने वाले एक शख्स कई घंटे तक जेल गेट पर बनी पुलिस चौकी में दुबके रहे। वह इंतजार कर रहे थे, कि कब सीबीआई टीम जाए और वह अंदर दाखिल हों।
सीबीआई के निशाने पर हैं सीतापुर के कई माननीय
सीबीआई जांच का दंश झेल रहे विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सीतापुर में मदद करने वाले कुछ लोग सीबीआई टीम के निशाने पर हैं। सूत्र बताते हैं कि जिले के दो पूर्व कद्दावर माननीय भी जांच के दायरे में हैं। कुछ पूर्व माननीयों का कुलदीप सिंह सेंगर से बेहद करीबी रिश्ता है। उनके कारोबार से भी माननीयों के जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विधायक से मिलने वालों व करीबियों की यह लोग मदद करते थे। इसके अलावा जेल के पास के टॉवरों से कुछ फोन कॉल की भी डिटेल ली गई है। उसके आधार पर उन्नाव व कुछ सीतापुर रसूखदार लोग जांच के दायरे में आ सकते हैं।