यादव सिंह को बचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा नोएडा में मुकदमा दर्ज कराने का दांव उल्टा पड़ गया। सीबीआई ने इस मामले की जांच से पल्ला झाड़ लिया है। सीबीआई के अधिकारियों का साफ मत है कि एजेंसी उन्हीं मामलों की जांच करेगी, जिनके लिए अदालत ने निर्देश दिए हैं।
यादव सिंह को सीबीआई जांच से बचाने के लिए यूपी सरकार ने कई दांव चले। पहले तो पुलिस की जांच से बचाने की कोशिश की फिर सीबीसीआईडी को जांच सौंपकर क्लीन चिट दिला दी।
सरकार ने यादव सिंह को उसके पद पर फिर स्थापित कर जांच के नाम पर जस्टिस अमरनाथ आयोग गठित कर दिया था। इस बीच आयकर विभाग ने यादव सिंह के आवास व अन्य ठिकानों पर छापामारी कर दी। इसमें यादव सिंह व परिवारीजनों से जुड़ी 40 कंपनियों के नाम सामने आए।
इसे देखते हुए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग का अंदेशा था। बचाव में सरकार कोई कदम उठाती, इससे पहले ही उसकी उम्मीद से हटकर अदालत ने सीबीआई जांच के निर्देश दे दिए। सीबीआई ने भी दिल्ली से यूपी तक यादव सिंह के कई ठिकानों पर छापामारी की।