फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपा सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रसाद सहित अवैध खनन से जुड़े नेता-अफसरों के 22 ठिकानों पर छापेमारी

Wed, 12 Jun 2019 08:57 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
गायत्री प्रसाद प्रजापति के घर छापेमारी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

सपा सरकार में हुए अवैध खनन की जांच करने सीबीआई टीम बुधवार को भी मुख्यालय पहुंची। यहां टीम ने सपा एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व अन्य मौरंग कारोबारियों के आवासों पर ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की। सब इतना गुपचुप तरीके से हुआ कि टीम के जाने के बाद लोगों को भनक लगी। 

विज्ञापन


सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के गांव इमिलिया व मुख्यालय स्थित आवास में टीम कई घंटे रही। इसके साथ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के चाचा राकेश दीक्षित के राठ स्थित आवास पर छापामारी की। सीबीआई मौरंग कारोबारी अशोक सचान के कलौलीतीर गांव स्थित ट्यूबवेल पहुंची जहां उसके भाई से पूछताछ की। 

अवैध मौरंग खनन मामले में पिछले जनवरी माह में सीबीआई ने आईएएस बी चंद्रकला, एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई दिनेश मिश्रा, अशोक सचान, खनन अधिकारी मुईनउद्दीन, संजय दीक्षित, सत्यदेव दीक्षित समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। 

विज्ञापन

सपा सरकार में जिले में तैनात रही तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला ने अपनी तैनाती के समय मौरंग कारोबारी रमेश मिश्रा को नियमों की अनदेखी कर 47 मौरंग खनन के पट्टे किए थे। इसके बाद 13 और पट्टे जारी किए गए थे। जिन्हें कुछ समय बाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। मौरंग के यह पट्टे नियमों के विरुद्ध थे, जबकि ई टेडरिंग से मौरंग के पट्टे किए जाने का प्राविधान था। 

इसी तरह पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित की मां माया देवी के नाम पर भी कई मौरंग खनन के पट्टे थे। अवैध खनन मामले के याचिकाकर्ता विजय कुमार द्विवेदी एडवोकेट ने बताया कि सभी पट्टे गलत तरीके से किए गए थे। जिन्हें हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। जिले में अवैध खनन की सीबीआई जांच हाईकोर्ट के आदेश से करीब ढाई साल पहले शुरू हुई थी। जिसमें कई बार सीबीआई टीम मुख्यालय आकर पूछताछ कर चुकी है। 

राठ में डेढ़ घंटे चला सर्च आपरेशन

राठ। सीबीआई टीम ने बुधवार को कस्बे में एक साथ तीन स्थानों पर छापामारी की। कागजात जांचने के साथ ही घर के कोने-कोने की तलाशी ली गई। सीबीआई टीम की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा। टीम के सदस्यों ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।

बुधवार दोपहर करीब 12 बजे सीबीआई की तीन टीमें कस्बा पहुंची। सिकंदरपुरा मोहल्ला स्थित राकेश दीक्षित, जुगियाना मोहल्ला स्थित जगदीश राजपूत तथा चरखारी रोड स्थित मदन राजपूत ददरी के आवासों पर टीम ने छापामारी की। राकेश दीक्षित के आवास की तलाशी ली है। जहां से लेनदेन संबंधित रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। 

राकेश दीक्षित बडे़ बालू कारोबारी सत्यदेव दीक्षित के भाई हैं। जबकि मदन ददरी व जगदीश गोहानी उरई के बडे़ बालू कारोबारी रामअवतार सिंह के रिश्तेदार बताए जाते हैं। सीबीआई टीम ने इन दोनों के घरों में भी गहन तलाशी ली है। करीब डेढ़ घंटे तक चले सर्च आपरेशन के दौरान खनन माफियाओं में हड़कंप मचा रहा। करीब डेढ़ बजे टीम उरई के लिए रवाना हो गई। इस कार्रवाई के दौरान नगर में चर्चा का बाजार गरम रहा। टीम ने मीडिया से बराबर दूरी बनाए रखी। कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन

एमएलसी के भाई के घर भी छापा मारा 

गहरौली। इमलिया गांव में एमएलसी रमेश मिश्रा के तीसरे नंबर के भाई सुरेश कुमार मिश्रा के आवास में सीबीआई की 5 सदस्यीय टीम ने पांच घंटे रुककर सघन जांच पड़ताल कर आवश्यक कागजात अपने साथ ले गई। बुधवार को बालू कारोबारी सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के आवास पर अचानक सुबह पांच बजे सीबीआई की टीम ने धावा बोला। 

ब्लॉक प्रमुख अनुपम मिश्रा को उनकी मां ने सोते हुए से जगाया। सीबीआई ने ब्लाक प्रमुख को परिचय देते हुए सर्च वारंट दिखाकर जांच पड़ताल शुरू कर दी। घर के सभी लोगों के मोबाइल अपने कब्जे में ले लिए। बाद में एमएलसी के भाई सुरेश मिश्रा के इलाहाबाद बैंक के खातों की छाया प्रतियां अपने साथ ले गए। 

इतना ही नहीं पासबुक की फोटो कॉपी करवाने के लिए पड़ोसी के भेजे जाने पर टीम का एक सदस्य फोटोकॉपी की दुकान में साथ गया। सीबीआई के छापे की गोपनीयता का आलम यह रहा कि जब टीम अपना कार्य कर चली गई। तब इलाकाई पुलिस व मीडिया को इसकी भनक लगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें