उन्नाव प्रकरण में पीड़िता के पिता की मौत के मामले में सीबीआई ने उन्नाव की पूर्व एसपी पुष्पांजलि देवी से 6 घंटे पूछताछ की। सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने उनसे सवाल किए। पूछताछ में पुष्पांजलि ने कहा कि उन्हें घटना की सच्चाई ही नहीं बताई गई थी।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की टीम ने पूर्व एसपी से पूछा कि आपको घटना की जानकारी कब हुई? थाने पर जो कार्रवाई हुई वह आपके निर्देश पर हुई या फिर थाने के पुलिस कर्मियों ने अपनी मर्जी से की? विधायक से आपकी क्या बातचीत हुई थी? क्या विधायक या अन्य किसी का का दबाव था? पीड़िता के पिता के शरीर पर गहरे घाव थे, उसके बाद भी पूरा इलाज कराए बिना क्यों जेल में दाखिल कर दिया गया? इन सवालों के जवाब में पुष्पांजलि ने कहा कि उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं थी।
जितनी बात थाने स्तर पर बताई गई, उसी पर यकीन करते हुए जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि पीड़िता के पिता के खिलाफ लिखा-पढ़ी करने के बाद थानाध्यक्ष ने उन्हें जानकारी दी। पीड़िता के पिता के पास से कथित तौर पर बरामद तमंचे के बारे में पुष्पांजलि ने कहा कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी कि उसे फंसाया जा रहा है।
सीबीआई ने पूछा कि पीड़िता के पिता की ओर से जो एफआईआर दर्ज की गई, उसमें विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर का नाम क्यों निकाला गया? पुष्पांजलि ने कहा कि थाने पर पहले पीड़िता के पिता के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। बाद में जब पीड़ित की तहरीर आई तो उसमें विधायक के भाई का नाम नहीं था।