सीबीआई विवेचना के मुताबिक मुकदमे की पैरवी के बाद जब पीड़िता के पिता घर लौट रहे थे, तब रास्ते में अभियुक्तों ने उन्हें लात-घूसों और रिवाल्वर की बट से घायल कर दिया। साथ ही कट्टे की फर्जी बरामदगी दिखाते हुए पुलिस से सांठगांठ करके माखी थाने में बंद करा दिया था। वहां से जेल भेज दिया गया, जहां 9 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई।
सीबीआई ने सभी आरोपियों के विरुद्ध गत 11 जुलाई को सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सपना त्रिपाठी की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसकी प्रपत्रों की नकल देने के बाद 18 जुलाई को मामले को सत्र अदालत को विचारण के लिए सौंपने का आदेश दिया गया था।