शहरों में घूमने वाले छुट्टा पशु अब स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत भी पकड़े जाएंगे। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने मिशन के तहत होने वाले कार्यों में बदलाव करते हुए यह प्रावधान किया है। इस व्यवस्था के तहत पशुओं के पकड़ने के लिए कैटल कैचर वाहन खरीदने समेत अन्य प्रबंध भी किए जाएंगे। मिशन के तहत हर जिले में माह में कम से कम 25 दिनों तक छुट्टा पशुओं को पकड़ने का अभियान चलेगा। न्यूनतम 10 पशु रोजाना और महीने में कम से कम 250 पशु पकड़ने का लक्ष्य होगा।
दरअसल स्वच्छता सर्वेक्षण में शहरों के पिछड़ने में छुट्टा पशुओं से फैलने वाली गंदगी को बड़ी वजह माना गया है। इससे पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। इसके मद्देनजर ही मंत्रालय ने छुट्टा पशुओं को पकड़कर पशु आश्रय केंद्रों या कांजी हाउसों में रखने की व्यवस्था की है। केंद्र ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मद से इन्हें पकड़ने का प्रबंधन करने का निर्देश दिया है।
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पहले चरण में यूपी के सभी नगर निगमों व बड़ी पालिकाओं वाले 139 प्रमुख शहरों में यह व्यवस्था लागू होगी। इसके लिए प्रथम किस्त के तौर पर सरकार ने 24.32 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर दी है। चयनित शहरों में जल्द ही यह व्यवस्था लागू होगी।
हर जिले में एक निकाय नोडल एजेंसी
जिले के सभी निकायों में छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए एक बड़े निकाय को नोडल एजेंसी के तौर पर नामित किया जाएगा। इसी की देखरेख में वाहन खरीदने से लेकर पशुओं के प्रबंधन से जुड़े सारे काम होंगे। सभी निकायों में नियमित रूप से वाहनों की उपलब्धता रहे, इसके लिए नोडल निकाय रोस्टर भी तैयार करेगा। मिशन के तहत खरीदे कैटल कैचर निकायों को किराये पर दिया जाएगा। नोडल निकाय से वाहन प्राप्त करने व वाहनों के हायर करने व किराये का दर निर्धारण और रोस्टर आदि संबंधित जिले के डीएम तय करेंगे।