भारतीय प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) व टॉप बिजनेस स्कूलों में दाखिले के लिए हुई संयुक्त प्रवेश परीक्षा में इस बार 100 परसेंटाइल हासिल करने वाले दोगुने हो गए। इस साल 16 ने 100 परसेंटाइल हासिल किए। शानदार प्रदर्शन कर इंदिरानगर के शाश्वत मिश्रा टॉप 26 में शामिल हो गए। शाश्वत समेत देश में 10 अभ्यर्थियों ने 99.99 परसेंटाइल हासिल किए।
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जबकि इंदिरानगर के ही अनिरुद्ध श्रीवास्तव 99.42 व राजधानी की सृष्टि अग्रवाल ने 99.15 परसेंटाइल हासिल कर शहर का गौरव बढ़ाया। राजधानी में 400 से अधिक मेधावी इस परीक्षा में सफल हुए हैं।
शाश्वत मिश्रा : 99.99 परसेंटाइल
आईआईटी कानपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में इसी साल बीटेक पूरा किया। जब मैं चार वर्ष का था, माता-पिता का साया उठ गया था। मौसी संध्या अग्निहोत्री और अंकल महेश कुमार अग्निहोत्री ने मेरी परवरिश की। सक्सेस मंत्र : हमेशा बेस्ट परफॉर्मेंस देने की कोशिश से मिली कामयाबी।
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अनिरुद्ध श्रीवास्तवः 99.42 परसेंटाइल
मैंने सिविल इंजीनियरिंग में 2012 में बीटेक किया। इसके बाद कैट की तैयारी में जुट गया था। पापा एसके श्रीवास्तव डॉक्टर हैं तो मां पूनम गृहिणी हैं। हमेशा अच्छा करने की दादा से मिली सीख ने कामयाबी की राह आसान कर दी। सक्सेस मंत्र :ईमानदारी से किया गया प्रयास सफलता दिलाता है।
रिजल्ट आते ही खिल उठे चेहरे
देश भर के 19 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) व टॉप बिजनेस स्कूलों में दाखिले के लिए हुए कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) का शनिवार शाम जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ, शहर के मेधावियों के चेहरे खिल उठे।
इंदिरानगर निवासी शाश्वत मिश्रा ने 99.99 परसेंटाइल हासिल कर राजधानी का नाम रोशन किया है। शाश्वत ने आईआईटी कानपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई इसी साल पूरी की है। शाश्वत ने काफी संघर्ष किया है।
चार वर्ष की उम्र में ही उनके माता-पिता अरुण कुमार मिश्रा व मां मीना मिश्रा नहीं रहे। इसके बाद मौसी संध्या अग्निहोत्री और अंकल महेश कुमार अग्निहोत्री ने उनकी परवरिश की। शाश्वत अपनी सफलता का श्रेय अंकल व मौसी को देते हैं।
ये हैं कैट में परचम लहराने वाले
वहीं, दूसरे नंबर पर 99.42 परसेंटाइल के साथ इंदिरानगर निवासी अनिरुद्ध श्रीवास्तव रहे। इन्होंने भी सिविल इंजीनियरिंग से बीटेक किया है। इसके अलावा साउथ सिटी रायबरेली रोड निवासी उत्कर्ष त्रिवेदी ने 98.61 परसेंटाइल हासिल किया है। इन्होंने भी आईआईटी कानपुर से केमिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया है।
मुदित गौर ने 98.31 परसेंटाइल, सोनल ने 97.3 परसेंटाइल, कार्तिकेय ने 97.1 परसेंटाइल व प्रेरणा भाटिया ने 95.60 परसेंटाइल हासिल किए हैं। राजधानी में करीब 400 से अधिक मेधावी सफल हुए हैं।
इस बार कैट में छह और आईआईएम हिमाचल प्रदेश, पंजाब, बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र व आंध्र प्रदेश जुड़े। इसके बाद अब 19 आईआईएम की 3,765 सीटों पर दाखिले का मौका मिलेगा। साथ ही टॉप बिजनेस स्कूल एफएमएस, एमडीआई, एनआईटीआईई, आईएमआई, आईएमटी व बिमटेक सहित अन्य बिजनेस स्कूल जो कैट स्कोर पर दाखिला लेते हैं, उनमें मौका मिलेगा।
16 व 22 नवंबर को हुए कॉमन एडमिशन टेस्ट में 1.95 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। कैट में सलेक्ट होने के बाद अब स्टूडेंट्स देश भर के विभिन्न आईआईएम में ग्रुप डिसक्शन (जीडी) व पर्सनल इंटरव्यू (पीआई) में भाग लेंगे। इसके बाद इन्हें 2015-17 सत्र में आईआईएम में दाखिला मिलेगा।
देश भर में 16 अभ्यर्थियों ने हासिल किए 100 परसेंटाइल कॉमन एडमिशन टेस्ट में इस बार देश भर में 16 अभ्यर्थियों ने 100 परसेंटाइल हासिल किया है। बीते साल कैट में आठ अभ्यर्थियों ने देश भर में 100 परसेंटाइल हासिल किए थे। कैट 2014 का आयोजन आईआईएम इंदौर ने किया है।
कैट के को-ऑर्डिनेटर प्रो. राजीव कपूर ने बताया कि 16 स्टूडेंट्स के 100 परसेंटाइल व 10 अभ्यर्थियों के 99.99 परसेंटाइल हैं। देश भर में टॉप 26 में लखनऊ के शाश्वत मिश्रा भी शामिल हैं।
कैट की वेबसाइट खोलने में अभ्यर्थियों के पसीने छूट गए।www.iimcat.ac.in पर जैसे ही देर शाम कैट का रिजल्ट घोषित हुआ, अभ्यर्थियों ने वेबसाइट खोलने का प्रयास शुरू कर दिया। करीब एक लाख से अधिक हिट्स होने के कारण कैट की वेबसाइट ठप हो गई। देर रात तक अपना कैट स्कोर जानने के लिए वेबसाइट पर स्टूडेंट्स सर्च करते रहे।